FMGE परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव का ऐलान, छात्रों ने आंदोलन भी रोका
नई दिल्ली (Edutechbharat.com): फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स (FMGs) के हित में नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) और AIMSA-FMSW प्रतिनिधियों के बीच 27 अगस्त 2026 को हुई उच्चस्तरीय बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
जून 2026 की परीक्षा में आई समस्याओं और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बादNBEMS ने छात्रों की मांगों को स्वीकार करते हुए परीक्षा व्यवस्था में कई बड़े सुधारों को मंजूरी दी है।इसके साथ ही AIMSA-FMSW ने अपना चल रहा विरोध प्रदर्शन समाप्त करने की घोषणा की है।
विदेश से एमबीबीएस करके आए छात्रों की सुविधा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए निम्न प्रमुख कदम उठाए गए हैं:

परीक्षा प्रक्रिया और अवसरों में बदलाव
अतिरिक्त परीक्षा का आयोजन: NBEMS अक्टूबर 2026 के अंत तक FMGs के लिए एक अतिरिक्त परीक्षा आयोजित करेगा।
साल में 3 बार FMGE: अगले वर्ष से FMGE का आयोजन साल में तीन बार—दिसंबर/जनवरी, अप्रैल/मई और अगस्त/सितंबर में किया जाएगा।
परीक्षा शुल्क में कटौती: आगामी परीक्षा से ही परीक्षा शुल्क (Examination Fee) को कम कर दिया जाएगा।
परीक्षा पैटर्न और कठिनाई स्तर (Exam Pattern & Difficulty Ratio)
प्रश्नों का अनुपात निर्धारित: प्रश्न पत्र में आसान और मध्यम श्रेणी के प्रश्नों की संख्या बढ़ाई गई है। अब परीक्षा में प्रश्नों का अनुपात 30:50:20 रहेगा।
30% – आसान (Low Level)
50% – मध्यम (Moderate Level)
20% – कठिन (Difficult Level)

पारदर्शिता और जवाबदेही में सुधार आंसर-की और रिस्पॉन्स शीट: NBEMS अब प्रत्येक अभ्यर्थी के पोर्टल पर Question IDs, Correct Answer IDs, छात्र द्वारा मार्क की गई Response IDs और हर प्रश्न के प्राप्तांक जारी करेगा।
अदालत में स्टेटस स्पष्टीकरण: दिल्ली उच्च न्यायालय में चल रहे मामले के दौरान NBEMS यह हलफनामा देगा कि जून 2026 की परीक्षा में केवल 14 वीडियो-आधारित प्रश्न (Video-based questions) ही शामिल थे।
शिकायत निवारण समिति: NBEMS की गवर्निंग बॉडी FMGs के प्रतिनिधियों को अपनी शिकायत निवारण समिति में शामिल करने पर विचार करेगी।
परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था व अतिरिक्त समय – बायोमीट्रिक अटेंडेंस के लिए अतिरिक्त समय: परीक्षा के दौरान होने वाली बायोमीट्रिक उपस्थिति के कारण छात्रों के समय के नुकसान की भरपाई के लिए प्रति सेक्शन 1 अतिरिक्त मिनट दिया जाएगा, जो प्रति शिफ्ट अधिकतम 3 मिनट होगा।
सुविधाजनक केंद्र: परीक्षा केंद्रों पर बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए NBEMS के टेक्नोलॉजी पार्टनर को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे। इन ऐतिहासिक फैसलों से मेडिकल पास-आउट अभ्यर्थियों को परीक्षा तैयारी के लिए न केवल ज्यादा मौके मिलेंगे, बल्कि पारदर्शी मूल्यांकन प्रक्रिया से लाखों छात्रों का मनोबल बढ़ेगा।






