वैज्ञानिकों व शिक्षा जगत के साथ न खेलें राजनीति का खेल, प्रियंका का बयान दुर्भाग्यपूर्ण – प्रो. विनय पाठक

वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों पर संसद में दिए गए बयान से शैक्षणिक जगत आहत


कानपुर (Edutechbharat News Desks): छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने संसद में वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों पर दिए गए एक बयान पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि माननीय सांसद प्रियंका वाड्रा द्वारा सदन में दिया गया बयान—जिसमें उन्होंने समिति में गौमूत्र के विशेषज्ञों का उल्लेख किया—देश भर के वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों को आहत करने वाला है।

विद्वान किसी राजनीतिक दल के नहीं होते
प्रो. पाठक ने प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा और उपनिषदों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति में “विद्वान सर्वत्र पूज्यते” की परंपरा रही है, यानी विद्वान की हर जगह पूजा और सम्मान होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैज्ञानिक और शिक्षाविद किसी राजनीतिक दल या विचारधारा विशेष से बंधे नहीं होते; वे पूरे देश और पूरी सृष्टि के कल्याण के लिए कार्य करते हैं।

आईआईटी मद्रास के निदेशक का उदाहरण
प्रो. पाठक ने आईआईटी मद्रास के निदेशक और जाने-माने वैज्ञानिक प्रो. वी. कामकोटि का जिक्र करते हुए कहा कि वे देश के बेहद प्रतिष्ठित वैज्ञानिक हैं। ऐसे उच्च स्तरीय वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों के योगदान को किसी राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए।

बयान वापस लेने की अपील

एआईयू (Association of Indian Universities) अध्यक्ष के रूप में प्रो. पाठक ने सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों से अपील की कि ऐसे बयानों की निंदा की जानी चाहिए और संबंधित बयान को वापस लिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, “देश के वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों का यह दायित्व है कि वे देश की समृद्ध ज्ञान परंपरा और शोध पर कार्य करें। ऐसे बयान देश में वैज्ञानिक सोच और शिक्षा व्यवस्था के माहौल को प्रभावित करते हैं, जो किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है।”

prof.Vinay Kumar Pathak – V.C. CSJMU

Tags- प्रो. विनय कुमार पाठक, सीएसजेएमयू कानपुर, प्रियंका वाड्रा, वैज्ञानिक, आईआईटी मद्रास, Edutechbharat

Related Posts

CAT 2026 Registration की आखिरी तारीख बढ़ी, ऐसे चुनें Exam Centre; जानें City Allotment का नियम

Edutechbharat.com | Education News CAT 2026 Registration: देश के प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थानों में प्रवेश का सपना देखने वाले ऐसे अभ्यर्थियों के लिए यह राहत भरी खबर है जो समय से…

IIT KANPUR का ऐतिहासिक कीर्तिमान: 8 वैज्ञानिकों को देश की शीर्ष विज्ञान अकादमियों (INSA और NASI) में मिली फेलोशिप

​कानपुर (EdutechBharat.com): उच्च शिक्षण और शोध के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना चुके भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर ने एक नया शैक्षणिक कीर्तिमान स्थापित किया है। संस्थान…