IIT कानपुर की बड़ी रिसर्च: Solar Energy से साफ होगा Industrial Wastewater, कम लागत वाली Water Treatment Technology विकसित

IIT Kanpur ने Solar Energy, Sand और Zinc Oxide की मदद से Low Cost Industrial Wastewater Treatment Technology विकसित की है। जानिए BOD और COD में कितनी कमी आई।

IIT Kanpur Research: स्थानीय रेत, सौर विकिरण और Zinc Oxide की मदद से विकसित की Industrial Wastewater Treatment Technology

जयपुर और जोधपुर में टेक्नोलॉजी का प्रयोग करने से BOD 156 से 10 और COD 2400 से 125 mg/L तक हुआ

कानपुर। IIT कानपुर के शोधकर्ताओं ने Industrial Wastewater Treatment के क्षेत्र में एक ऐसी ग्रीन टेक्नोलॉजी विकसित की है, जो सौर ऊर्जा की मदद से औद्योगिक गंदे पानी का उपचार कर सकती है। IIT Kanpur Research के तहत विकसित इस सिस्टम में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध रेत, Solar Radiation और Zinc Oxide का इस्तेमाल किया गया है।

तकनीक का उद्देश्य कम लागत में औद्योगिक अपशिष्ट जल को उपचारित कर उसका दोबारा उपयोग संभव बनाना है।

IIT Kanpur की Solar Water Treatment Technology क्या है?

प्रो. शांतनु भट्टाचार्य के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने Photocatalytic Water Treatment आधारित सिस्टम तैयार किया है। इसमें सूर्य की रोशनी और जिंक ऑक्साइड की मदद से पानी में मौजूद कार्बनिक प्रदूषकों को कम किया जाता है। इस Solar Water Treatment Technology का परीक्षण जयपुर के एक ट्रीटमेंट प्लांट में किया गया है। शोधकर्ताओं के अनुसार सिस्टम को पेटेंट भी कराया गया है।

2 से 3 घंटे में Solar Radiation से Wastewater Treatment

इस Industrial Wastewater Treatment System में अपशिष्ट जल को कई चरणों से गुजारा जाता है। शुरुआत में कोएगुलेशन-फ्लोकुलेशन यूनिट की मदद से स्लज को अलग किया जाता है और pH को नियंत्रित किया जाता है।

इसके बाद पानी को Sand Filtration से गुजारा जाता है। फिर पानी को मुख्य फोटोकैटेलिसिस टैंक में भेजा जाता है। इस टैंक में गैल्वेनाइज्ड शीट पर Zinc Oxide विकसित किया गया है। सूर्य की रोशनी में करीब 2 से 3 घंटे के उपचार के बाद पानी के प्रदूषण स्तर में महत्वपूर्ण कमी दर्ज की गई।

BOD 156 से 10 और COD 2400 से 125 mg/L

IIT Kanpur के इस Water Treatment Innovation की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि BOD और COD के स्तर में आई कमी है।- BOD: 156 mg/L से घटकर 10 mg/L- COD: 2400 mg/L से घटकर 125 mg/LBOD और COD पानी में मौजूद जैविक एवं रासायनिक प्रदूषण को मापने के महत्वपूर्ण मानक हैं। इनके स्तर में कमी से उपचारित पानी की गुणवत्ता में सुधार का संकेत मिलता है।

Sensors से होगी Water Quality Monitoring

शोधार्थी सूरज कुमार के अनुसार इस Automated Wastewater Treatment System में सेंसर लगाए गए हैं। ये सेंसर उपचार के अलग-अलग चरणों में पानी के pH, TDS और Colour की निगरानी कर सकते हैं।इससे पानी की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखने और उपचार प्रक्रिया को अधिक प्रभावी तरीके से नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।उपचार के बाद पानी को Carbon Filter से भी गुजारा जाता है, जिससे रेत फिल्ट्रेशन के बाद बचे छोटे कणों को हटाया जा सके।

Treated Wastewater का दोबारा इस्तेमाल

इस Wastewater Recycling Technology का इस्तेमाल जयपुर की एक टेक्सटाइल इंडस्ट्री में किया जा रहा है। शोधकर्ताओं के अनुसार उपचारित पानी का इस्तेमाल कपड़े धोने और Plantation के लिए किया जा रहा है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि उद्योगों में ताजे पानी की मांग को कम किया जा सकता है। यानी Water Recycling के जरिए एक ही पानी को उपचार के बाद दोबारा औद्योगिक उपयोग में लाने की संभावना बढ़ती है।

Textile और Steel Industry से Food Wastewater तक पहुंची तकनीक

IIT Kanpur Research Team ने इस तकनीक का इस्तेमाल केवल Textile Industry तक सीमित नहीं रखा है। शोधकर्ताओं के अनुसार इसे स्टील उद्योग के अलावा Food Wastewater Treatment में भी इस्तेमाल किया गया है।अब टीम उपचारित अपशिष्ट जल से Hydrogen Production की संभावनाओं पर भी काम कर रही है। इससे भविष्य में Wastewater Treatment को Clean Energy Production से जोड़ने की संभावना बन सकती है।

क्यों खास है IIT Kanpur की Green Technology?

IIT कानपुर की यह Green Technology कई स्तरों पर महत्वपूर्ण है। इसमें सौर ऊर्जा और स्थानीय रूप से उपलब्ध रेत जैसे संसाधनों का इस्तेमाल किया गया है। इससे पारंपरिक उपचार प्रणालियों की तुलना में ऑपरेटिंग लागत कम रखने की संभावना है।

इस Low Cost Water Treatment Technology की प्रमुख खूबियां हैं—

– Solar Radiation का इस्तेमाल

– Locally Available Sand का उपयोग

– Zinc Oxide आधारित Photocatalytic Treatment

– BOD और COD में कमी- TSS और TOC जैसे प्रदूषण संकेतकों में कमी

– pH को नियंत्रित करने में मदद- Treated Wastewater का Reuse

– Industrial Freshwater Demand कम करने की संभावना

– Green और Sustainable Technology को बढ़ावा

IIT Kanpur Research से Industry को क्या फायदा?

भारत में टेक्सटाइल, स्टील, फूड प्रोसेसिंग और अन्य उद्योगों में बड़ी मात्रा में पानी का इस्तेमाल होता है। इन उद्योगों से निकलने वाले Industrial Wastewater का प्रभावी उपचार और पुन: उपयोग जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

IIT कानपुर की यह Solar-Powered Industrial Wastewater Treatment Technology इसी चुनौती का तकनीकी समाधान प्रस्तुत करती है। खास बात यह है कि यह Water Treatment, Solar Energy, Wastewater Recycling और Green Technology को एक साथ जोड़ती है। यदि इस तकनीक को बड़े औद्योगिक स्तर पर अपनाया जाता है तो यह उद्योगों की freshwater dependency कम करने के साथ-साथ Sustainable Industrial Development को भी बढ़ावा दे सकती है।

Edutechbharat Takeaway

IIT Kanpur Research का यह उदाहरण बताता है कि देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में होने वाली रिसर्च अब केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है। Green Technology, Solar Energy, Water Recycling और Sustainable Development जैसी वास्तविक चुनौतियों के समाधान के लिए IIT कानपुर के शोधकर्ता नई तकनीक विकसित कर रहे है।

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