CAG और IIT मद्रास का बड़ा कदम: लॉन्च हुआ डिजिटल सिस्टम ऑडिटिंग का ‘CADS’ सर्टिफिकेशन कोर्स

Edutechbharat.com: ​नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) और IIT मद्रास ने मिलकर Certification on Audit of Digital Systems (CADS) नाम से एक नया चार महीने का ऑनलाइन प्रोग्राम लॉन्च किया है।

यह कोर्स SWAYAM Plus प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य छात्रों और पेशेवरों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सिक्योरिटी और IT ऑडिटिंग के क्षेत्र में ट्रेंड करना है।

कोर्स लॉन्च के अवसर पर उपस्थित अतिथि स्रोत आईआईटी मद्रास

​कोर्स की मुख्य विशेषताएं​

कोर्स का नाम: Certification on Audit of Digital Systems (CADS)​

अवधि: 4 महीने (ऑनलाइन माध्यम)​

प्लेटफॉर्म: SWAYAM Plus (IITM Pravartak LMS)​

योग्यता: भारत में ग्रेजुएशन (UG) कर रहे या कर चुके सभी छात्र।

​परीक्षा प्रणाली: प्रॉक्टर्ड कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) के जरिए ऑफलाइन परीक्षा।​

किन 6 प्रमुख विषयों पर होगा फोकस?

​पब्लिक ऑडिट की बुनियादी समझ​

इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT)​

साइबर सिक्योरिटी

​इन्फॉर्मेशन सिस्टम्स

​डिजिटल पब्लिक प्लेटफॉर्म्स और प्राइवेसी

​आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)​

क्यों खास है यह सर्टिफिकेशन?​

प्रैक्टिकल लर्निंग: थ्योरी के साथ-साथ रियल-वर्ल्ड केस स्टडीज, ऑडिट सिनेरियो और सेल्फ-असेसमेंट मॉडल्स शामिल हैं।

​NCrF और NEP 2020 के अनुरूप: कोर्स पूरा करने पर एकेडेमिक क्रेडिट्स और प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन दोनों का लाभ मिलेगा।

​3-स्तरीय करियर ग्रोथ: यह कोर्स आगे चलकर तीन स्तरों—Foundation, Proficient, और Expert—में विस्तारित होगा।

​ग्लोबल स्कोप: इसे ‘ज्योग्राफी-न्यूट्रल’ फॉर्मेट में डिजाइन किया गया है, जिससे भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी मान्यता होगी।​डिजिटल युग में संस्थाओं की पारदर्शिता और डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कोर्स AI और साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए बेहतरीन अवसर प्रदान करता है।

CAG और IIT मद्रास की साझेदारी: महत्व, उपयोगिता और भविष्य

​नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) और IIT मद्रास जैसी दो शीर्ष संस्थाओं का एक साथ आना Certification on Audit of Digital Systems (CADS) कोर्स को भारत के सबसे प्रामाणिक और उच्च-स्तरीय सर्टिफिकेशन प्रोग्राम में से एक बनाता है।​

1. दोनों संस्थानों की विशेषज्ञता

​CAG (नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक): यह भारत का सर्वोच्च संवैधानिक लेखा-परीक्षा प्राधिकरण (Audit Authority) है। सरकारी खातों, सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) और राष्ट्रीय स्तर की वित्तीय प्रणालियों की ऑडिटिंग, पारदर्शिता और जवाबदेही में CAG को सर्वोच्च विशेषज्ञता हासिल है।​

IIT मद्रास: भारत के शीर्ष तकनीकी संस्थानों में से एक, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी और एडवांस कंप्यूटर साइंस के क्षेत्र में शोध व नवाचार का केंद्र है।​

2. इस साझेदारी से कोर्स का महत्व क्यों बढ़ जाता है?​

डोमेन नॉलेज और टेक-स्किल का अनूठा संगम: CAG के पास ऑडिटिंग और गवर्नेंस का दशकों का व्यावहारिक अनुभव है, जबकि IIT मद्रास के पास अत्याधुनिक तकनीक। यह कोर्स छात्रों को केवल थ्योरी नहीं, बल्कि डिजिटल ऑडिटिंग की वास्तविक व्यावहारिक समझ प्रदान करता है।

​NEP 2020 और NCrF की मान्यता: इस कोर्स को नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क (NCrF) और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत डिजाइन किया गया है, जिससे छात्रों को मान्यता प्राप्त एकेडेमिक क्रेडिट्स (Academic Credits) मिलेंगे।

​उच्च मानक (Gold Standard): CAG और IIT मद्रास का टैग इस सर्टिफिकेशन को उद्योग जगत और सरकारी संस्थाओं में अत्यधिक विश्वसनीयता (Credibility) प्रदान करता है।​

आईआईटी मद्रास जंजीबार में आयोजित कार्यक्रम में कोर्स लॉन्च के अवसर पर अतिथिगण । स्रोत आईआईटी मद्रास

3. युवाओं के लिए यह कोर्स कैसे उपयोगी है?​

नया और उभरता हुआ करियर पाथ: पारंपरिक ऑडिटिंग (फाइनेंस/अकाउंट्स) अब पुरानी पड़ रही है। आज कंपनियों और सरकारों को ऐसे विशेषज्ञों की जरूरत है जो एल्गोरिदम, क्लाउड प्रणालियों, AI मॉडल और डेटाबेस की सुरक्षा व पारदर्शिता की जांच कर सकें।​स्किल गैप को भरना: बाजार में AI और साइबर ऑडिटर्स की भारी कमी है। यह 4 महीने का कोर्स छात्रों को उद्योग की वर्तमान मांगों के अनुरूप तैयार करता है।​

मल्टी-डिसिप्लिनरी अवसर: कॉमर्स, मैनेजमेंट, IT, कंप्यूटर साइंस या इंजीनियरिंग—सभी पृष्ठभूमि के स्नातक छात्र इस कोर्स के जरिए ‘डिजिटल ऑडिटिंग’ में अपनी राह बना सकते हैं।

​4. इस क्षेत्र का भविष्य और अवसर

​सरकारी और प्राइवेट दोनों सेक्टर में मांग: आने वाले समय में बैंकिंग, ई-कॉमर्स, फिनटेक, रक्षा और सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स (जैसे UPI, Aadhar इकोसिस्टम आदि) में डिजिटल ऑडिटर्स की भारी मांग होगी।​

तीन स्तरीय करियर ग्रोथ: यह कोर्स आगे चलकर 3 स्तरों (Foundation, Proficient, और Expert) में विकसित होगा, जिससे छात्र समय के साथ इसमें विशेषज्ञता हासिल कर सकते हैं।​वैश्विक अवसर (Geography-Neutral): यह प्रोग्राम ‘ज्योग्राफी-न्यूट्रल’ है, जिसका अर्थ है कि इसमें सीखे गए सिद्धांत वैश्विक मानकों के अनुरूप हैं। भविष्य में अंतरराष्ट्रीय कंपनियों और वैश्विक संगठनों में भी इन प्रोफेशनल्स की मांग रहेगी।​यह कोर्स युवाओं के लिए AI और साइबर सिक्योरिटी के दौर में एक सुरक्षित, आधुनिक और उच्च-वेतन वाले करियर (High-Demand Career) का मार्ग प्रशस्त करता है।

Related Posts

“मस्त रहो, खूब सोओ और जिंदगी जियो…” जब प्रो. एच. सी. वर्मा ने बच्चों को सिखाया विज्ञान और जिंदगी का असली फलसफा

सोपान आश्रम में ‘जॉय ऑफ फिजिक्स’ व NAEST-2026: प्रयोग, प्रेरणा और साहित्य के संगम से चमकी युवा प्रतिभाएं Kanpur: किताबों के भारी बस्ते, नंबरों की अंधी दौड़ और कोचिंग के…

देश की विविधतापूर्ण खेती के लिए बने ‘केंद्रीय कृषि डेटा लेक’: CSJMU में जुटे कृषि व AI वैज्ञानिकों ने दिया प्रिसिजन फार्मिंग का नया रोडमैप

छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय में आयोजित ‘AI मंथन 2.0’ में कृषि वैज्ञानिकों ने देशव्यापी ‘केंद्रीय कृषि डेटा लेक’ की आवश्यकता पर बल दिया। जानिए AI से कैसे बदलेगी भारतीय खेती…