क्यूएस सस्टेनेबिलिटी रैंक में सीएसजेएमयू की ऊंची छलांग ,यूपी का नंबर वन विश्वविद्यालय

प्रोफेसर विनय कुमार पाठक
कुलपति सीएसजेएमयू

GIN, Kanpur . छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू या कानपुर विश्वविद्यालय) का दबदबा अब वैश्विक स्तर पर बजने लगा है। क्यूएस सस्टेनेबिलिटी रैंकिंग 2026 में कानपुर विवि ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 1251-1300 बैंड में स्थान पाया है। वहीं, एशिया स्तर पर कानपुर विश्वविद्यालय को 464वीं, देश में 56वीं और उत्तर प्रदेश में पहली रैंक मिली है। जबकि पिछले वर्ष कानपुर विवि क्यूएस सस्टेनेबिलिटी रैंकिंग 2025 में 1501 के बैंड में शामिल था।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने इस उपलब्धि का श्रेय प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को दिया। उनके मार्गदर्शन में सभी शिक्षकों की टीम उत्कृष्ट कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि विवि की रैंक में सुधार हुआ है जबकि 2026 की रैंकिंग में वैश्विक स्तर पर मूल्यांकन किए गए विवि की संख्या 1744 से बढ़कर 1994 हो गई थी। वहीं, एशिया स्तर पर 662 से बढ़कर 827 और देश में 78 से बढ़कर 103 पहुंच गई है। बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बावजूद सीएसजेएमयू ने यह रैंक हासिल कर साबित कर दिया है कि सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक उत्तरदायित्व और शासन-प्रणाली में लाए गए सुधार प्रभावी सिद्ध हो रहे हैं। प्रो. पाठक ने कहा कि रैंकिंग में यह सुधार छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के संयुक्त प्रयासों का प्रतिफल है।
रैंकिंग के हर सेक्टर में हुआ सुधार
प्रो. विनय कुमार पाठक ने बताया कि रैंकिंग के साथ पैरामीटर के हर सेक्टर में सुधार हुआ है। गवर्नेंस श्रेणी में विवि की वैश्विक रैंक 939 से सुधरकर 546 हो गई। पर्यावरणीय प्रभाव में विवि ने 1001+ श्रेणी से उठकर 986 स्थान प्राप्त किया। राष्ट्रीय स्तर पर इसकी रैंक 40 से बढ़कर 31 हो गई। गुड गवर्नेंस के स्कोर में 50.8 से बढ़कर 80.4 का उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पर्यावरणीय शोध में 18.7 अंकों की वृद्धि, पर्यावरणीय स्थिरता में 13.4 अंकों की वृद्धि, स्वास्थ्य एवं कल्याण में 25.5 अंकों की वृद्धि और नॉलेज एक्सचेंज में 24.3 अंकों का सुधार दर्ज किया गया है।
गुड गवर्नेंस श्रेणी में देश में 15वें स्थान पर
विवि के रजिस्ट्रार राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि 2026 की रैंकिंग के गुड गवर्नेंस श्रेणी में विवि ने देश में 15वां स्थान प्राप्त किया है। पर्यावरणीय स्थिरता में विवि को 31वां स्थान, पर्यावरण प्रभाव श्रेणी में 50वां स्थान, समानता श्रेणी में 44वां स्थान मिला है।
………………….
सस्टेनेबिलिटी रैंकिंग में आईआईटी कानपुर 65 पायदान गिरा
कानपुर। प्रमुख संवाददाता
क्यूएस सस्टेनेबिलिटी रैंकिंग 2026 में आईआईटी कानपुर की रैंक में गिरावट आई है। संस्थान की रैंक पिछले वर्ष के मुकाबले 65 पायदान नीचे गिरते हुए दुनिया में 310वां स्थान पाया है। जबकि 2025 की रैंकिंग में आईआईटी कानपुर 245वें स्थान पर था। इस साल भी पिछले वर्ष की भांति आईआईटी दिल्ली देश में टॉप पर है लेकिन उसकी भी वैश्विक रैंक में गिरावट आई है। विशेषज्ञों के मुताबिक अंक बढ़ने के बावजूद दुनियाभर के नए संस्थानों के जुड़ने से यह रैंक में गिरावट आई है। आईआईटी कानपुर को पर्यावरण में 177वां, सोशल इंपैक्ट में 542वां और गुड गवर्नेंस में 676वां स्थान मिला है। वहीं, पिछली रैंकिंग में आईआईटी कानपुर देश में चौथे स्थान पर था, जबकि 2026 की रैंकिंग में संस्थान को छठवां स्थान मिला है। इस साल आईआईटी मद्रास और दिल्ली यूनिवर्सिटी रैंक में आगे निकल गए हैं।

2026 की रैंकिंग में आईआईटी कानपुर को दुनिया में 310 तो देश में मिला 6वां स्थान
संस्थान 2026 2025 2024
आईआईटी दिल्ली 205 171 426
आईआईटी बांबे 235 234 303
आईआईटी खड़गपुर 236 202 349
दिल्ली यूनिवर्सिटी 241 299 220
आईआईटी मद्रास 305 277 344
आईआईटी कानपुर 310 245 522

  • Related Posts

    IIT KANPUR का ऐतिहासिक कीर्तिमान: 8 वैज्ञानिकों को देश की शीर्ष विज्ञान अकादमियों (INSA और NASI) में मिली फेलोशिप

    ​कानपुर (EdutechBharat.com): उच्च शिक्षण और शोध के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना चुके भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर ने एक नया शैक्षणिक कीर्तिमान स्थापित किया है। संस्थान…

    सीएसजेएमयू ‘एआई मंथन 2.0’: विश्वविद्यालयों में केवल लैब नहीं, ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित करने की जरूरत—आईबीएम

    कानपुर (edutechbharat.com): छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) में आयोजित दो दिवसीय ‘एआई मंथन 2.0’ के समापन सत्र में देश के अग्रणी शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और तकनीकी विशेषज्ञों ने उच्च शिक्षा, कृषि,…