उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इंटर कॉलेज प्रधानाचार्य, हाईस्कूल प्रधानाध्यापक और सम्बद्ध प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती अर्हता में अहम संशोधन किया है। गजट में प्रकाशित नए नियम, योग्यता और अनुभव की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।
यूपी में प्रधानाचार्य व प्राइमरी शिक्षक भर्ती अर्हता में बड़ा बदलाव, गजट अधिसूचना जारी
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक और इनसे सम्बद्ध प्राइमरी अनुभाग के सहायक अध्यापकों की नियुक्ति से जुड़े नियमों में शासन ने बड़ा संशोधन किया है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के सचिव भगवती सिंह के हस्ताक्षर से जारी इस अधिसूचना को उत्तर प्रदेश के सरकारी गजट में आधिकारिक रूप से प्रकाशित कर दिया गया है। नए नियमों के लागू होने के बाद माध्यमिक विद्यालयों में संस्था प्रधान के पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक अंक और अनुभव की शर्तें तय कर दी गई हैं, वहीं सम्बद्ध प्राथमिक अनुभागों से बी०एड० (B.Ed) को पूरी तरह बाहर कर दिया गया है।
1. इंटरमीडिएट कॉलेजों में प्रधानाचार्य पद हेतु नई अर्हता
इण्टरमीडिएट शिक्षा अधिनियम, 1921 के विनियमों के अध्याय-2 के परिशिष्ट-‘क’ में संशोधन करते हुए प्रधानाचार्य (इंटरमीडिएट स्तर) के लिए निम्नलिखित मानक तय किए गए हैं:
स्नातकोत्तर (PG): किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से न्यूनतम 50% अंकों के साथ परास्नातक उपाधि।
प्रशिक्षण उपाधि: राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) से मान्यता प्राप्त संस्थान से बी०एड० (B.Ed) की डिग्री।
अनिवार्य अनुभव: केंद्र अथवा राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त संस्थाओं की उच्चतर कक्षाओं (कक्षा 9 से 12) में प्रवक्ता अथवा सहायक अध्यापक के पद पर न्यूनतम 4 वर्ष का शिक्षण अनुभव या हाईस्कूल के प्रधानाध्यापक के रूप में 4 वर्ष का कार्यानुभव।
आयु सीमा: अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 30 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए।
2. हाईस्कूल स्तर पर प्रधानाध्यापक पद की पात्रता
हाईस्कूल स्तर के विद्यालयों में प्रधानाध्यापक पद के लिए भी अर्हता में स्पष्टता लाई गई है:
शैक्षणिक योग्यता: मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से न्यूनतम 50% अंकों के साथ स्नातकोत्तर उपाधि।
प्रशिक्षण: एनसीटीई से मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम में बी०एड० (B.Ed) अथवा बी०पी०एड० (B.P.Ed)।
अनुभव व आयु: कक्षा 9 से 12 में न्यूनतम 4 वर्ष का शिक्षण अनुभव या जूनियर हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक पद पर कम से कम 4 वर्ष का कार्य अनुभव। इसके लिए भी न्यूनतम आयु 30 वर्ष अनिवार्य है।
अनुभव सत्यापन: अनुभव प्रमाण पत्र जनपद स्तर पर जिला विद्यालय निरीक्षक और मंडल स्तर पर मंडलीय अधिकारी (जेडी) द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित होना अनिवार्य होगा।
3. सम्बद्ध प्राइमरी अनुभाग में शिक्षकों की योग्यता : B.Ed पूरी तरह बाहर
सहायता प्राप्त हाईस्कूल व इंटर कॉलेजों से सम्बद्ध प्राइमरी अनुभाग (कक्षा 1 से 5) में शिक्षक भर्ती की वर्तमान व्यवस्था को बदल दिया गया है:
अनिवार्य योग्यता: स्नातक डिग्री के साथ एनसीटीई से मान्यता प्राप्त बी०टी०सी० (B.T.C.) अथवा डी०एल०एड० (D.L.Ed) उपाधि।
टीईटी (T.E.T.) अनिवार्य: केंद्र या राज्य सरकार द्वारा आयोजित प्राथमिक स्तर की अध्यापक पात्रता परीक्षा (कक्षा 1 से 5) उत्तीर्ण होना आवश्यक होगा।
बी०एड० का विकल्प समाप्त: पूर्व व्यवस्था में बी०टी०सी० अभ्यर्थी न मिलने पर बी०एड० धारकों को अवसर दिए जाने का जो प्रावधान था, उसे नई प्रस्तावित व्यवस्था में पूर्णतः समाप्त कर दिया गया है। अब प्राइमरी अनुभाग में केवल बीटीसी/डीएलएड धारक ही पात्र होंगे।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. क्या यूपी बोर्ड प्रधानाचार्य भर्ती के लिए 50% पीजी अंक अनिवार्य हैं?
हाँ, इंटरमीडिएट प्रधानाचार्य और हाईस्कूल प्रधानाध्यापक दोनों पदों के लिए स्नातकोत्तर में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक अनिवार्य कर दिए गए हैं।
Q2. क्या सम्बद्ध प्राइमरी स्कूलों में बीएड वाले आवेदन कर सकते हैं?
नहीं, नए गजट के अनुसार सम्बद्ध प्राइमरी कक्षाओं (1 से 5) के लिए केवल बीटीसी/डीएलएड और प्राथमिक टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थी ही पात्र होंगे।
Q3. प्रधानाचार्य पद के लिए न्यूनतम अनुभव कितना चाहिए?
कक्षा 9 से 12 में प्रवक्ता या सहायक अध्यापक के रूप में कम से कम 4 वर्ष का शिक्षण अनुभव अनिवार्य है।





