दो रोबोट, एक मिशन, समुद्र की गहराइयों के रहस्य होंगे उजागर : IIT Bombay के छात्रों ने वैश्विक मंच पर जमाई धाक, RoboSub 2026 में शानदार प्रदर्शन

Education Desk : समुद्र की गहराइयों में अगर एक रोबोट के बजाय दो autonomous robots एक साथ उतरें और दोनों अपने-अपने काम को खुद समझते हुए पूरा करें, तो underwater robotics की तस्वीर कितनी बदल सकती है? इसी विचार को जमीन पर उतारते हुए IIT Bombay की AUV-IIT Bombay टीम ने अमेरिका के कैलिफोर्निया में आयोजित RoboSub 2026 में भारत की इंजीनियरिंग प्रतिभा का दम दुनिया को दिखाया है।

पानी में रोबोट को उतारते हुए टीम के सदस्य इंटरनेट मीडिया

दुनिया के अलग-अलग देशों से आई 58 टीमों के बीच IIT Bombay की टीम ने कई श्रेणियों में शीर्ष स्थान हासिल किए। लेकिन इस प्रदर्शन की सबसे बड़ी खासियत केवल पदक और रैंकिंग नहीं, बल्कि Matsya 7 और नए Mini Matsya—दो underwater autonomous vehicles को समानांतर रूप से संचालित करने का सफल प्रदर्शन रहा। यह प्रयोग इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है कि भविष्य में underwater missions को एक बड़े robot के बजाय कई छोटे-बड़े autonomous robots मिलकर पूरा कर सकें।

क्या है ‘दो रोबोट, एक मिशन’ का आइडिया?

समुद्र के भीतर किसी बड़े क्षेत्र का सर्वेक्षण, किसी structure की inspection या कई objects को खोजने और manipulate करने जैसा काम एक अकेले underwater robot के लिए समय लेने वाला हो सकता है।

IIT Bombay की टीम ने इस चुनौती का एक संभावित समाधान multi-vehicle autonomy के रूप में दिखाया। इसमें Matsya 7 और Mini Matsya एक ही mission के दौरान समानांतर रूप से काम कर सकते हैं। यानी underwater operation को अलग-अलग tasks में बांटकर दो autonomous vehicles एक साथ काम कर सकते हैं।

प्रतियोगिता जीतने के बाद उत्साहित टीम के सदस्य : इंटरनेट मीडिया

भविष्य में इस approach से बड़े underwater क्षेत्र को कम समय में cover किया जा सकता है। अलग-अलग vehicles को अलग-अलग tasks दिए जा सकते हैं। mission में redundancy बढ़ सकती है—एक vehicle में समस्या आने पर दूसरा काम जारी रख सकता है। complex underwater operations को छोटे autonomous tasks में विभाजित किया जा सकता है। बड़े underwater robots की तुलना में mission-specific छोटे vehicles विकसित करने की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि इन क्षमताओं का वास्तविक व्यावसायिक या रणनीतिक इस्तेमाल mission और technology validation पर निर्भर करेगा, लेकिन student-led robotics में यह approach भविष्य की दिशा का संकेत देती है।

आखिर AUV क्या होता है?

AUV यानी Autonomous Underwater Vehicle ऐसा underwater robot है जो पानी के भीतर बिना लगातार मानव नियंत्रण के navigation और mission-related tasks कर सकता है। एक सामान्य underwater robot को surface से operator नियंत्रित कर सकता है, लेकिन AUV में sensors, onboard computing, navigation और control algorithms की मदद से robot अपने environment के बारे में information लेकर अपने movement को निर्धारित कर सकता है।

अब मत्स्य का डिजाइन इंटरनेट मीडिया

यही autonomy underwater robotics को चुनौतीपूर्ण और महत्वपूर्ण बनाती है। समुद्र के भीतर GPS signals सामान्यतः उपलब्ध नहीं होते और पानी में visibility भी सीमित हो सकती है। ऐसे वातावरण में robot को sensors और onboard systems की मदद से अपनी स्थिति, दिशा और आसपास के environment को समझना पड़ता है।

केवल चलना नहीं, वस्तुओं को पकड़ना भी

IIT Bombay की टीम के लिए इस बार एक और बड़ी उपलब्धि underwater gripper task को सफलतापूर्वक पूरा करना रहा।टीम ने अपने AUV system के जरिए पानी के भीतर कई objects को manipulate करने की क्षमता का प्रदर्शन किया।

यह काम इसलिए चुनौतीपूर्ण है क्योंकि underwater robot को केवल object तक पहुंचना ही नहीं होता। उसे object की पहचान, अपनी position और orientation का अनुमान, precise movement और फिर gripper से object को पकड़ने जैसी कई प्रक्रियाओं को coordinate करना पड़ता है।

यानी robot को केवल “कहां जाना है” नहीं, बल्कि “वहां पहुंचकर क्या करना है” भी समझना होता है। यही क्षमता भविष्य के underwater robots को केवल survey machines से आगे बढ़ाकर physical tasks करने वाले autonomous robotic systems में बदल सकती है।

RoboSub क्या है और क्यों महत्वपूर्ण है?

RoboSub autonomous underwater robotics से जुड़ी एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता है, जहां student teams अपने underwater vehicles की engineering, autonomy, design, documentation और mission capabilities का प्रदर्शन करती हैं।

ऐसी competitions में केवल तेज या मजबूत underwater vehicle बनाना पर्याप्त नहीं होता। टीमों को navigation, autonomy, sensing, mechanical systems, control, simulation और mission execution जैसी कई तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसी वजह से RoboSub जैसे मंच छात्रों के लिए classroom learning को वास्तविक engineering challenges से जोड़ने का अवसर भी देते हैं।

58 टीमों के बीच IIT Bombay का शानदार प्रदर्शन

RoboSub 2026 में IIT Bombay की AUV टीम ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं:

🥇 Overall – Wildcard Challenge

🥇 Overall – Website Evaluation

🥈 MathWorks Simulation Challenge

🥈 Design Documentation

🥉 Technical Design Report5वां स्थान –

Global Autonomy Challenge टीम ने media को बताया कि इस प्रदर्शन के पीछे लगभग एक वर्ष तक लगातार R&D, testing और intensive preparation की भूमिका रही।

AUV मत्स्य के साथ टीम के सदस्य : इंटरनेट मीडिया

Underwater Robotics क्यों है भविष्य की महत्वपूर्ण तकनीक?

धरती का बड़ा हिस्सा समुद्र से ढका है, लेकिन समुद्र की गहराइयों का बड़ा भाग आज भी चुनौतीपूर्ण environment है। यहां मानव पहुंच, लगातार monitoring और लंबे समय तक काम करना कठिन और महंगा हो सकता है। ऐसे में autonomous underwater robots भविष्य में कई क्षेत्रों में उपयोगी हो सकते हैं।

🌊 समुद्री अनुसंधान

Ocean mapping, marine ecosystems और underwater environments के अध्ययन में robots वैज्ञानिकों के लिए महत्वपूर्ण data collection platform बन सकते हैं।

Infrastructure Inspection

Ports, underwater pipelines, offshore structures और अन्य marine infrastructure की inspection में autonomous vehicles का उपयोग किया जा सकता है।

🛠️ Underwater Maintenance

Gripper से लैस robots भविष्य में underwater objects या equipment को पकड़ने और manipulate करने वाले कार्यों में सहायता कर सकते हैं।

🌊 Deep-Sea Exploration

जहां मानव के लिए पहुंचना मुश्किल या जोखिमपूर्ण है, वहां autonomous vehicles लंबे समय तक data collection और exploration कर सकते हैं।

🇮🇳 Maritime और Strategic Applications

भविष्य में underwater autonomy का इस्तेमाल समुद्री निगरानी, seabed mapping और अन्य strategic maritime applications में भी हो सकता है।

जीत का ऐलान : इंटरनेट मीडिया

IIT Bombay के छात्रों की उपलब्धि का बड़ा संदेश

RoboSub 2026 में IIT Bombay की सफलता यह दिखाती है कि भारत के engineering campuses में विकसित हो रही robotics केवल laboratory prototypes तक सीमित नहीं है। M

atsya 7 और Mini Matsya का एक साथ underwater operation एक ऐसे भविष्य की झलक देता है जहां एक बड़े mission को कई autonomous robots मिलकर पूरा कर सकते हैं।

आज यह innovation एक student robotics competition में दिखाई दिया है, लेकिन इसकी दिशा कहीं बड़ी है—ऐसे intelligent underwater robotic systems तैयार करना जो कठिन समुद्री वातावरण में खुद निर्णय ले सकें, एक-दूसरे के साथ काम कर सकें और जरूरत पड़ने पर physical tasks भी पूरा कर सकें।

यही वजह है कि RoboSub 2026 में IIT Bombay की उपलब्धि को सिर्फ एक प्रतियोगिता की जीत के रूप में नहीं, बल्कि भारत में next-generation autonomous underwater robotics की बढ़ती क्षमता के संकेत के तौर पर देखा जा सकता है।

IIT Bombay टीम को मिला संस्थागत सहयोग

इस परियोजना में IIT Bombay, Luxonis, DEXA और अन्य sponsors का सहयोग रहा। टीम ने IIT Bombay के Director Prof. Shireesh Kedare, पूर्व Dean (SA) Prof. Suryanarayana Doolla, Dean (R&D) Prof. Shrikrishna V. Kulkarni और संस्थान के अन्य प्रशासनिक सदस्यों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।टीम ने Prof. Shashi Ranjan Kumar और Prof. Leena Vachhani, Associate Dean (R&D), के मार्गदर्शन और निरंतर समर्थन को भी अपनी परियोजना के लिए महत्वपूर्ण बताया।

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