दिमाग से निकलने वाले डेटा को 150 गुना तक छोटा करेगा Tiny AI Accelerator, IISc के RAMAN से Brain-Computer Interface को मिलेगी नई ताकत

IISc के शोधकर्ताओं ने RAMAN Tiny AI Accelerator विकसित किया है, जो neural signals को 150× तक compress कर कम power में wireless BCI transmission को संभव बनाने की दिशा में अहम कदम है।

“दिमाग से निकलने वाले विशाल डेटा को चिप में ही छोटा कर देगा AI”

बेंगलुरु | Edutechbharat.com : कल्पना कीजिए कि भविष्य में कोई व्यक्ति बिना हाथ-पैर हिलाए केवल अपने विचारों से कंप्यूटर, रोबोटिक हाथ, व्हीलचेयर या किसी अन्य डिवाइस को नियंत्रित कर सके। Brain-Computer Interface (BCI) इसी भविष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही तकनीक है। लेकिन इस तकनीक के सामने एक बड़ी चुनौती है—दिमाग से लगातार निकलने वाले विशाल मात्रा के न्यूरल डेटा को वायरलेस तरीके से कैसे भेजा जाए, वह भी बेहद कम ऊर्जा में।

इसी चुनौती को हल करने की दिशा में भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु के शोधकर्ताओं ने एक महत्वपूर्ण तकनीकी समाधान विकसित किया है। IISc के Department of Electronic Systems Engineering (DESE) में प्रो. Chetan Singh Thakur के नेतृत्व वाली टीम ने RAMAN नाम का एक बेहद छोटा और कम ऊर्जा खपत वाला AI accelerator विकसित किया है।

इसका खास काम है—मस्तिष्क से रिकॉर्ड होने वाले न्यूरल सिग्नल को इम्प्लांट के भीतर ही compress करना और फिर कम डेटा वायरलेस तरीके से बाहर भेजना।

150 गुना तक कम हो सकता है न्यूरल डेटा

BCI सिस्टम में मस्तिष्क के इलेक्ट्रिकल सिग्नल लगातार रिकॉर्ड किए जाते हैं। इन सिग्नलों में बड़ी मात्रा में डेटा होता है। यदि इस पूरे डेटा को बिना किसी processing के वायरलेस तरीके से भेजा जाए, तो ज्यादा bandwidth और ऊर्जा की जरूरत पड़ती है।

RAMAN इसी समस्या को सीधे implantable head unit के स्तर पर हल करता है। शोधकर्ताओं के अनुसार, यह न्यूरल रिकॉर्डिंग को 150 गुना तक compress कर सकता है। खास बात यह है कि compression के बाद भी receiver तक पहुंचने वाले डेटा से मूल brain signals को high fidelity के साथ reconstruct किया जा सकता है। यानी डेटा को छोटा करने के बावजूद उसके महत्वपूर्ण न्यूरल information को बनाए रखने का प्रयास किया गया है।

BCI में क्यों महत्वपूर्ण है यह तकनीक?

Brain-Computer Interface को लंबे समय तक शरीर में सुरक्षित तरीके से काम करने के लिए बहुत कम power consumption की जरूरत होती है। ज्यादा ऊर्जा का अर्थ केवल battery या power management की समस्या नहीं है, बल्कि implant के आसपास heat generation भी चिंता का विषय बन सकती है।

यहीं RAMAN का low-power design महत्वपूर्ण हो जाता है। यदि implant के भीतर ही डेटा को compress कर दिया जाए, तो वायरलेस सिस्टम को कम डेटा transmit करना होगा

इससे:wireless transmission के लिए bandwidth की जरूरत घट सकती है,ऊर्जा की खपत कम हो सकती है,implant में heat generation को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है,छोटे और अधिक scalable neural implants विकसित करना आसान हो सकता है।

बड़े AI चिप्स से अलग है RAMAN

RAMAN को सामान्य AI accelerators की तरह बड़े AI models या cloud computing के लिए नहीं बनाया गया है। इसका लक्ष्य बिल्कुल अलग है। बेहद कम power में edge-level AI processing।

इसके architecture में sparsity का इस्तेमाल किया गया है।

Neural networks में कई calculations ऐसी होती हैं जिनका योगदान बहुत कम होता है या वे redundant होती हैं।

RAMAN ऐसी computations को skip करके processing और memory दोनों पर दबाव कम करता है।

इससे accelerator की energy consumption और memory requirement को कम करने में मदद मिलती है।

Stochastic pruning से घटा memory overhead

शोधकर्ताओं ने RAMAN में एक novel stochastic pruning scheme भी विकसित की है। आमतौर पर neural network की कुछ connections को prune करने के बाद यह पता रखने के लिए बड़े indexing tables की जरूरत पड़ सकती है कि कौन-सी connection हटाई गई है और कौन-सी मौजूद है।

इससे memory overhead बढ़ सकता है। RAMAN का तरीका pruned connections को दोबारा reconstruct करने की क्षमता देता है, जिससे बड़े indexing tables पर निर्भरता कम होती है।

शोधकर्ताओं के अनुसार, इस hardware-software co-design से storage overhead को 32% तक कम किया जा सकता है, जबकि system performance को बनाए रखा जाता है।

FPGA से लेकर ASIC तक हुई जांच

टीम ने केवल theoretical architecture प्रस्तावित नहीं किया, बल्कि RAMAN को FPGA hardware पर implement करके इसकी जांच की। इसके अलावा custom ASIC design का भी मूल्यांकन किया गया। इसके लिए TSMC 65-nm CMOS process में post-layout simulations किए गए।

इन simulations के परिणाम RAMAN के बेहद छोटे आकार और कम power consumption की ओर संकेत करते हैं।

प्रमुख आंकड़े

पैरामीटर RAMAN का प्रदर्शन

Neural signal compression। 150× तक

Encoder area 0.0187 mm²/channel

Power consumption 15.1 µW/channel

Storage overhead में कमी 32% तक

ASIC processTSMC 65-nm CMOS

भविष्य के BCI में क्या बदलेगा?

आज BCI technology के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है—बहुत अधिक neural data को लंबे समय तक कम power और कम thermal load के साथ संभालना।

यदि implant हर raw neural signal को सीधे बाहर भेजने के बजाय उसे वहीं intelligent तरीके से compress कर दे, तो पूरा system architecture बदल सकता है।

भविष्य में इसका उपयोग ऐसे BCI systems में हो सकता है जो assistive devices, prosthetic limbs, communication systems और अन्य digital interfaces को brain signals के माध्यम से नियंत्रित करने के लिए विकसित किए जा रहे हैं।

इसका अर्थ यह नहीं है कि RAMAN अपने आप किसी व्यक्ति के विचारों को पढ़ता है। इसकी भूमिका मुख्य रूप से neural signals को efficiently process और compress करने की है, ताकि उन्हें कम data और कम energy में आगे भेजा जा सके।

टीम में कौन-कौन शामिल हैं?

इस शोध के प्रमुख सदस्य Adithya Krishna हैं, जो इस काम के first author हैं। उन्हें Chetan Singh Thakur, Andre van Schaik और Mahesh Mehendale ने jointly supervise किया। Andre van Schaik, University of Manchester में ICNS के Director हैं, जबकि Mahesh Mehendale TI Fellow हैं।

Raw Data Streaming से Intelligent Compression की ओर

RAMAN का महत्व केवल एक छोटी AI chip बनाने तक सीमित नहीं है। यह उस सोच में बदलाव को दर्शाता है जिसमें भविष्य के neural implants लगातार raw data बाहर भेजने के बजाय implant के भीतर ही intelligent processing करेंगे।

जैसे-जैसे BCI systems अधिक channels, अधिक neural sensors और अधिक जटिल applications की ओर बढ़ेंगे, data और power दोनों की समस्या बढ़ेगी। ऐसे में RAMAN जैसे hardware-algorithm co-designed ultra-low-power accelerators छोटे, सुरक्षित और लंबे समय तक काम करने वाले neural interfaces विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

Hashtags:#IISc #RAMAN #TinyAI #BrainComputerInterface #BCI #NeuralSignals #ArtificialIntelligence #EdgeAI #DeepTech #NeuroTechnology #IndianInnovation #EdutechBharat

Related Posts

IITs के 28 फ्री कोर्सेज से बनाएं शानदार टेक करियर: बिना फीस और बिना एंट्रेंस एग्जाम के सीखें टॉप स्किल्स

Education Desk: आज के दौर में जब प्राइवेट टेक बूटकैंप्स और सर्टिफिकेशन प्रोग्राम्स के नाम पर लाखों रुपये वसूले जा रहे हैं, देश के शीर्ष संस्थान (IITs) और भारत सरकार…

एसएससी जेई परीक्षा के लिए फॉर्म भरें, 1748 पदों पर आवेदन की अंतिम तिथि 22 सितंबर

केंद्र सरकार के एक दर्जन से अधिक विभागों में मिल रहा मौका कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) ने जूनियर इंजीनियर (जेई) के कुल 1,748 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन…