डिजिटल अरेस्ट का फोन आए तो नजदीकी पुलिस थाने से करें संपर्क

सेंट थॉमस स्कूल में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का हुआ सफ़ल आयोजन

GIN , Kanpur:किदवई नगर स्थित सेंट थॉमस स्कूल ने कानपुर के नौबस्ता थाने द्वारा आयोजित एक सारगर्भित और उपयोगी साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम की मेजबानी की। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश सरकार की मिशन शक्ति – चरण 5 पहल के तहत छात्र-छात्राओं को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के प्रधानाचार्य फादर थॉमस कुमार द्वारा पुलिस अधिकारियों का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत करने से हुई।मुख्य वक्ता सब-इंस्पेक्टर विकास सिंह ने छात्रों को साइबर सुरक्षा से जुड़े बेहद महत्वपूर्ण और व्यावहारिक बिंदुओं से अवगत कराया। उन्होंने सार्वजनिक वाई-फाई इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतने, अनजान लिंक्स पर क्लिक न करने और थर्ड पार्टी ऐप्स डाउनलोड करने से बचने की सलाह दी।उन्होंने ए.आई. आधारित ठगी, डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े खतरों पर विस्तार से बताते हुए कहा कि साइबर अपराधी भय और तकनीक का गलत उपयोग कर युवाओं को जाल में फँसाते हैं।उन्होंने छात्रों को समझाया कि यदि कभी भी डिजिटल ठगी या ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाए तो घबराएँ नहीं, और किसी भी अजनबी व्यक्ति—चाहे वह स्वयं को पुलिस, बैंक या न्यायिक अधिकारी बताता हो—की वीडियो कॉल पर भरोसा न करें। छात्रों को समझते हुए उन्होंने कहा, “ऐसी किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत नज़दीकी थाने से संपर्क करें,”।

सब-इंस्पेक्टर पूनम यादव ने छात्राओं के बीच मिशन शक्ति से संबंधित आधिकारिक हैंडबिल वितरित किए और उन्हें किसी भी आपात स्थिति में 112 या 1090 पर तुरंत संपर्क करने की सलाह दी।हेड कांस्टेबल संगीता राठौर ने भी कार्यक्रम के दौरान महत्वपूर्ण योगदान दिया और छात्रों को सुरक्षा निर्देश समझाने में सहयोग किया।वितरित हैंडबिल में 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, 1090 वीमेन पावर लाइन, 1930 साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन, 112 पुलिस इमरजेंसी, 102 स्वास्थ्य सेवाएँ, 108 एंबुलेंस, 1098 चाइल्डलाइन और 181 महिला हेल्पलाइन सहित विभिन्न आपातकालीन सेवाओं का विस्तृत विवरण दिया गया। साथ ही मिशन शक्ति केंद्रों, महिला हेल्प डेस्क और राज्यभर में संचालित सुरक्षा एवं सहयोग तंत्र की जानकारी भी शामिल थी।स्कूल और पुलिस के इस संयुक्त प्रयास का उद्देश्य छात्रों को डिजिटल दुनिया के प्रति जागरूक, सतर्क और जिम्मेदार नागरिक बनाना था। कार्यक्रम ने समाज में सुरक्षित और सुशिक्षित वातावरण बनाने के मिशन को आगे बढ़ाया—जो “सशक्त नारी, समृद्ध प्रदेश” की व्यापक दृष्टि (vision) से जुड़ा है।कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन एवम् राष्ट्र गान से हुआ। विद्यालय के मीडिया प्रभारी रॉकी एडविन के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान कक्षा 6वीं से 8वीं तक के सभी विद्यार्थी एवम् अध्यापक-अध्यापिकाएं विशेष रूप से फ़लक साइमन, एलेन डिसूज़ा सिस्टर शिजी आदि उपस्थित रहे।

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