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IIT Kanpur Antaragni 2026 में डॉ. सुबी चतुर्वेदी ने युवाओं को डिजिटल स्क्रीन से आगे बढ़कर कुछ नया रचने, असफलताओं से सीखने और अपनी अलग पहचान बनाने का संदेश दिया। रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने महोत्सव में चार चांद लगा

कानपुर: मोबाइल स्क्रीन पर लगातार स्क्रॉल करने और डिजिटल सामग्री देखने तक खुद को सीमित मत रखिए, बल्कि अपनी सोच, कल्पना और रचनात्मकता से कुछ नया रचिए। आपकी पहचान इस बात से नहीं बनती कि आप कहां पैदा हुए हैं, बल्कि इससे बनती है कि आप क्या करना चाहते हैं और जीवन में कहां पहुंचना चाहते हैं। यह संदेश इनमोबी की ग्लोबल सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और चीफ कॉरपोरेट अफेयर्स एंड पब्लिक पॉलिसी ऑफिसर डॉ. सुबी चतुर्वेदी ने आईआईटी कानपुर के सांस्कृतिक महोत्सव अंतराग्नि-2026 के उद्घाटन समारोह में विद्यार्थियों को दिया।

उन्होंने युवाओं से कहा कि असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सीखें, पुरानी धारणाओं को चुनौती दें और अपनी अलग पहचान बनाएं। अंतराग्नि का वास्तविक अर्थ भी यही है कि अपने भीतर की आग को कभी बुझने न दें।

आईआईटी कानपुर को बताया दूसरा घर, याद किए छात्र जीवन के दिन

डॉ. सुबी चतुर्वेदी ने अपने संबोधन की शुरुआत आईआईटी कानपुर से भावनात्मक जुड़ाव के साथ की। उन्होंने कहा कि यह संस्थान उनके लिए दूसरे घर जैसा है। कभी वह खुद अंतराग्नि में प्रतिभागी के रूप में हिस्सा लेने आती थीं और आज उसी मंच पर अतिथि के रूप में लौटना उनके लिए विशेष अनुभव है। उन्होंने आयोजन समिति और फैकल्टी एडवाइजरी ग्रुप को 61वें संस्करण के आयोजन के लिए बधाई दी।

उन्होंने बताया कि इनमोबी की शुरुआत आईआईटी कानपुर से हुई थी। कंपनी के चार संस्थापकों में तीन इसी संस्थान के पूर्व छात्र रहे हैं। वर्ष 2011 में इनमोबी भारत का पहला यूनिकॉर्न स्टार्टअप बना था और आज कंपनी डबल यूनिकॉर्न के मुकाम तक पहुंच चुकी है। इसके संस्थापक नवीन तिवारी और अभय सिंघल भी आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र हैं।

उन्होंने बताया कि नवीन तिवारी का बचपन भी इसी परिसर में बीता। उनके परिवार का संस्थान से पुराना रिश्ता रहा है। उन्होंने कहा कि आईआईटी कानपुर ने उन्हें यह विश्वास दिया कि कोई भी व्यक्ति अपनी मेहनत और विचारों के दम पर वैश्विक स्तर पर पहचान बना सकता है।

190 देशों तक पहुंची इनमोबी, नवाचार से बदली पहचान

डॉ. सुबी ने इनमोबी की वैश्विक यात्रा का उल्लेख करते हुए बताया कि कंपनी आज 190 देशों में अपनी उपस्थिति रखती है और उसके 26 कार्यालय हैं। उन्होंने कंपनी के नए तकनीकी नवाचार ग्लांस का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, ग्लांस मोबाइल फोन की लॉक स्क्रीन पर ही उपयोगकर्ताओं को डिजिटल सामग्री उपलब्ध कराने वाली तकनीक है। इसमें एजेंटिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित खरीदारी के अनुभव को भी विकसित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इनमोबी की सफलता के पीछे सहयोग, नए विचारों और परंपरागत तरीकों से अलग सोचने का साहस रहा है। उनका मानना है कि भारतीय प्रतिभाओं में दुनिया के लिए तकनीक और नए समाधान विकसित करने की पूरी क्षमता है।

कला की कोई सीमा नहीं, अपनी सोच से बनाएं पहचान

युवाओं को रचनात्मकता का महत्व समझाते हुए डॉ. सुबी ने कहा कि कला का कोई एक निश्चित स्वरूप नहीं होता। कोई कविता, गीत, पेंटिंग, फिल्म या फोटोग्राफी किसी भी रूप में अपनी भावनाएं व्यक्त कर सकता है। कला वही है जो सोचने, सवाल उठाने और कुछ नया महसूस करने के लिए प्रेरित करे।

अपने फोटोग्राफी और फिल्म निर्माण के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन से तस्वीर खींचना आसान हो गया है, लेकिन अपनी दृष्टि और सोच विकसित करना सबसे महत्वपूर्ण है। केवल डिजिटल सामग्री का उपभोग करने के बजाय युवाओं को अपनी रचनात्मकता से कुछ नया तैयार करना चाहिए।

उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि अंतराग्नि के इन दिनों में अपनी अधूरी कविता पूरी करें, गीत लिखें, पेंटिंग बनाएं, संगीत तैयार करें और नए लोगों से दोस्ती करें। उन्होंने कहा कि जीवन की असली प्रतिस्पर्धा दूसरों से नहीं, बल्कि खुद से होनी चाहिए। हर व्यक्ति को अपने पिछले प्रदर्शन से बेहतर करने का प्रयास करना चाहिए।

संगीत, फैशन और अंतरराष्ट्रीय संस्कृति के रंग

अंतराग्नि-2026 का पहला दिन प्रेरणादायक संवादों के साथ रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से भी गुलजार रहा। उद्घाटन समारोह में आईआईटी कानपुर के उप निदेशक प्रो. ब्रज भूषण और छात्र कार्यों के अधिष्ठाता प्रो. प्रतीक सेन सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

इंडिया इंस्पायर्ड सत्र में रक्षा, बुनियादी ढांचे, कृषि और कॉरपोरेट जगत से जुड़ी हस्तियों ने विद्यार्थियों के साथ अनुभव साझा किए। इंटरनेशनल कार्निवल में विभिन्न देशों की सांस्कृतिक परंपराओं और प्रस्तुतियों ने आकर्षित किया। वहीं ऋतंभरा फैशन शो में विद्यार्थियों ने नए डिजाइन और रचनात्मक परिधानों के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाई।

रात में इल्यूजन इन्फिनिटी में अमित विश्वकर्मा, टैलेंट फिएस्टा में लिखारी पांडा और ग्रूव एंड सूद में प्रिंस कांग की प्रस्तुतियों ने समां बांधा। बॉयलर रूम में इलेक्ट्रॉनिक संगीत और स्केटिंग रिंग में साइलेंट डिस्को युवाओं के आकर्षण का केंद्र रहे।

चार दिवसीय अंतराग्नि का यह आयोजन एक नवंबर तक चलेगा। इसमें संगीत, कला, फैशन, प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिये देशभर के विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।