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एकेडमिक काउंसिल की बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर,

बीबीए की फीस 15 हजार और बीडेस की 10 हजार रुपये बढ़ेगी;

पीएचडी कोर्सवर्क में पढ़ना होगा AI in Research

कानपुर, Edutechbharat.com। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) में अब विद्यार्थी ज्योतिषशास्त्र और वास्तुशास्त्र में चार वर्षीय स्नातक ऑनर्स की पढ़ाई कर सकेंगे। वहीं, विश्वविद्यालय परिसर से बीटेक, बीडेस, बीबीए और बीकॉम ऑनर्स की पढ़ाई करना अगले शैक्षणिक सत्र से महंगा हो जाएगा। शोधार्थियों को पीएचडी कोर्सवर्क में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग से जुड़ा AI in Research विषय भी पढ़ना होगा। मंगलवार को कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता में हुई एकेडमिक काउंसिल की बैठक में शैक्षणिक सत्र 2027-28 से जुड़े इन महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

ज्योतिष-वास्तुशास्त्र में चार वर्षीय स्नातक ऑनर्स

विश्वविद्यालय के दीनदयाल शोध केंद्र के अंतर्गत सत्र 2027-28 से ज्योतिषशास्त्र और वास्तुशास्त्र में चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम शुरू होंगे। इनके नाम बैचलर ऑफ आर्ट्स (शास्त्री) ज्योतिषशास्त्र और बैचलर ऑफ आर्ट्स (शास्त्री) वास्तुशास्त्र होंगे। दोनों पाठ्यक्रमों में 30-30 सीटें निर्धारित की गई हैं। इनकी फीस 26,200 रुपये प्रतिवर्ष होगी।

एकेडमिक काउंसिल की बैठक में उपस्थित कुलपति और अन्य सदस्य

इसी केंद्र के अंतर्गत गीता ज्ञान संस्थान, कुरुक्षेत्र के सहयोग से श्रीमद्भगवद्गीता में एक वर्षीय डिप्लोमा और एक सेमेस्टर का गीता सार प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम भी शुरू करने की योजना है।CSJMU Signs MoU with Thai Green Power Solutions and Green Carpet Foundation for Global Collaboration

बीटेक 10 हजार, बीबीए 15 हजार रुपये महंगा

विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के अंतर्गत संचालित चार बीटेक पाठ्यक्रमों की शिक्षण फीस अगले सत्र से 10 हजार रुपये बढ़ जाएगी। इनमें इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, केमिकल इंजीनियरिंग तथा मैटेरियल्स साइंस एंड मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग शामिल हैं।

बैचलर ऑफ डिजाइन (बीडेस) की फीस 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 60 हजार रुपये की जाएगी। वहीं, बीबीए की फीस 60 हजार रुपये से बढ़कर 75 हजार रुपये हो जाएगी। बीकॉम ऑनर्स की फीस अगले सत्र में 65 हजार रुपये निर्धारित की गई है।

बीएससी-एमएससी इंटीग्रेटेड में 30 सीटें बढ़ेंगी

स्कूल ऑफ बेसिक साइंसेज के अंतर्गत संचालित बीएससी-एमएससी इंटीग्रेटेड कार्यक्रम में प्रवेश क्षमता 150 से बढ़ाकर 180 सीटें करने को मंजूरी दी गई है। विद्यार्थियों को सांख्यिकी (Statistics) और पर्यावरण विज्ञान (Environmental Science) के अतिरिक्त विषय विकल्प भी मिलेंगे।

पीएचडी में पढ़ना होगा AI in Research

विश्वविद्यालय के शोध एवं विकास प्रकोष्ठ के प्रस्ताव पर पीएचडी कोर्सवर्क में एक क्रेडिट का AI in Research पाठ्यक्रम शामिल करने को मंजूरी दी गई। इसके माध्यम से शोधार्थियों को शोध कार्यों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग, अकादमिक नैतिकता और जिम्मेदारियों की जानकारी देने पर जोर रहेगा।

उद्योगों में कार्यरत पेशेवरों के लिए उद्योग-प्रायोजित पार्ट-टाइम पीएचडी के कोर्सवर्क और अंकतालिका में आवश्यक प्रविष्टियों की व्यवस्था से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।IIT Kanpur ने बनाई पोर्टेबल सीड क्वालिटी टेस्टिंग डिवाइस, मौके पर होगी बीज और अनाज की शुद्धता की जांच

योग के दो नए कौशल प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम

विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग की ओर से योग आधारित दो कौशल प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इनमें ‘योगा फॉर डायबिटीज प्रिवेंशन एंड मैनेजमेंट’ और ‘योगा फॉर कॉरपोरेट सेक्टर’ शामिल हैं। दोनों पाठ्यक्रम तीन-तीन महीने के होंगे और इनकी फीस पांच हजार रुपये प्रस्तावित है।

पहले पाठ्यक्रम में मधुमेह की रोकथाम और प्रबंधन में योग की भूमिका पर जानकारी दी जाएगी, जबकि दूसरे में कॉरपोरेट क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप योगाभ्यास पर ध्यान दिया जाएगा।

बैठक में सीडीसी निदेशक प्रो. राजेश कुमार द्विवेदी, डीन एकेडमिक प्रो. वृष्टि मित्रा, डीन प्रशासन प्रो. नीरज कुमार सिंह, कुलसचिव राकेश कुमार मिश्रा, परीक्षा नियंत्रक राकेश कुमार, डॉ. मोहित कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।