EdutehBharat.com: भारत में हृदय रोग (Cardiovascular Disease) के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और कम उम्र में दिल का दौरा पड़ने की घटनाएं आम हो गई हैं। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए, IIT मद्रास के युवा वैज्ञानिकों की एक टीम ने ARTSENS नामक एक क्रांतिकारी डिवाइस विकसित किया है। यह उपकरण मात्र 5 मिनट के टेस्ट में व्यक्ति की धमनियों की असली उम्र बता सकता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा वर्षों पहले ही भांपा जा सकेगा।
क्या है ARTSENS तकनीक और यह कैसे काम करती है?
धमनियां आमतौर पर लचीली होती हैं और हर दिल की धड़कन के साथ फैलती व सिकुड़ती हैं। उम्र बढ़ने या खराब जीवनशैली के कारण धमनियों का यह लचीलापन 20 से 30 वर्ष की उम्र से ही कम होने लगता है।

- नॉन-इन्वेंसिव टेस्ट (Non-Invasive Test): इस जांच में न तो कोई चीर-फाड़ होती है और न ही खून निकाला जाता है।
- गर्दन और अंगों से जांच: गले के पास ‘कैरोटिड धमनी’ (Carotid Artery) पर एक छोटा प्रोब रखा जाता है और हाथ-पैर में प्रेशर कफ लगाए जाते हैं।
- सटीक माप: यह डिवाइस पल्स वेव वेलोसिटी (Pulse Wave Velocity) और धमनियों की कठोरता को मापकर आपकी धमनियों की जैविक उम्र (Vascular Age) का सटीक आंकड़ा देता है।
‘VESPA’ मिशन: देशव्यापी स्वास्थ्य मैपिंग
IIT मद्रास ने इस तकनीक को बड़े पैमाने पर लागू करने के लिए VESPA (Vascular health based Early Screening for Public health Adoption) मिशन शुरू किया है।
- 1 लाख से अधिक लोगों का लक्ष्य: इस मिशन के तहत देश भर में 1 लाख से अधिक लोगों की धमनियों की जांच की जाएगी।
- पहला भारतीय डेटाबेस: वर्तमान में भारत में यूरोपीय मानकों का उपयोग किया जाता है। VESPA का लक्ष्य भारत का अपना पहला वैस्कुलर हेल्थ डेटाबेस और गाइडलाइंस तैयार करना है।
- वर्तमान प्रगति: यह मिशन अब तक 10 राज्यों के विभिन्न केंद्रों पर 6,400 से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग पूरी कर चुका है।

प्रमुख वैज्ञानिक और सहयोगी संस्थान
- नेतृत्व: इस परियोजना का नेतृत्व डॉ. जयराज जोसेफ (एसोसिएट प्रोफेसर, IIT मद्रास) के साथ डॉ. राज किरण और डॉ. नबील पीएम कर रहे हैं।
- संस्थान: यह कार्य HTIC (हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी इनोवेशन सेंटर) में हुआ है, जिसकी स्थापना राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार प्राप्तकर्ता प्रोफेसर मोहन संकर शिवप्रकाशम ने की थी।
- सहयोगी संस्थाएं: AIIMS (नई दिल्ली और पटना), JIPMER पुडुचेरी, CMC वेल्लोर, और ICMR (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) जैसे प्रमुख संस्थान इस मिशन में भागीदारी कर रहे हैं।
भविष्य की योजनाएं
शोधकर्ताओं का लक्ष्य अगले 2 से 3 वर्षों में ARTSENS डिवाइस को व्यावसायिक रूप से बाजार और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs) तक पहुंचाना है। इसकी कीमत बेहद कम रखी जाएगी ताकि आम से आम व्यक्ति भी अपने नियमित चेकअप में अपनी धमनियों की उम्र जांच सके और समय रहते जीवनशैली में सुधार कर दिल के दौरों से बच सके।
