कानपुर। जिस उम्र में ज्यादातर विद्यार्थी IIT में B.Tech Computer Science और Engineering को अपने करियर का सबसे बड़ा लक्ष्य मानते हैं, उसी उम्र में कुछ युवाओं ने एक अलग सपना देखा। उन्होंने तय किया कि उन्हें सिर्फ इंजीनियर नहीं बनना, बल्कि डिजिटल दुनिया को सुरक्षित करने वाला Cyber Security Expert बनना है।
इसी सपने को लेकर आज ये युवा पहली बार IIT Kanpur के कैंपस में पहुंचे। उनके लिए यह सिर्फ कॉलेज का पहला दिन नहीं था, बल्कि उस सपने की पहली कक्षा थी, जिसे उन्होंने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के दौरान देखा था।
आईआईटी कानपुर के वाधवानी स्कूल ऑफ एआई एंड इंटेलिजेंट सिस्टम्स (WSAIS) ने अपने पहले स्नातक बैच के लिए स्टूडेंट ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित किया। इसी के साथ संस्थान में पहली बार Bachelor of Cyber Security यानी B.Cyber और B.Tech in Intelligent Systems (BTIS) कार्यक्रमों की औपचारिक शुरुआत हुई।
जब मंजिल IIT थी, लेकिन रास्ता Cyber Security चुना
आईआईटी में प्रवेश का सपना देखने वाले विद्यार्थियों के लिए Computer Science Engineering लंबे समय से सबसे लोकप्रिय विकल्पों में रहा है। लेकिन इन विद्यार्थियों ने अपने लिए कुछ अलग चुना।
किसी को Ethical Hacking ने आकर्षित किया, किसी को Cyber Attack और Digital Security की दुनिया ने और किसी ने यह समझा कि आने वाला समय जितना Artificial Intelligence और Digital Technology का होगा, उतना ही महत्वपूर्ण Cyber Security का भी होगा।
इसी सोच ने उन्हें IIT Kanpur B Cyber Course तक पहुंचाया।
यह फैसला आसान नहीं था। परिवार, दोस्त और आसपास का माहौल अक्सर लोकप्रिय और पारंपरिक करियर विकल्पों की ओर ले जाता है। लेकिन इन विद्यार्थियों ने यह सोचने का साहस किया कि अगर भविष्य की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक साइबर सुरक्षा है, तो वे उस चुनौती को अपना करियर क्यों न बनाएं?
पहली कक्षा में कैसा रहा होगा वह पल?

कल्पना कीजिए—आईआईटी कानपुर का विशाल परिसर, पहली बार अपने विभाग की ओर बढ़ते युवा, हाथ में नए सत्र की जानकारी और मन में हजारों सवाल।
क्या Cyber Security Course वैसा ही होगा जैसा उन्होंने सोचा था?
क्या वे Ethical Hacking की तकनीकों को गहराई से सीख पाएंगे?
क्या वे भविष्य में बड़े Cyber Security Researcher, Ethical Hacker या Cyber Security Engineer बन सकेंगे?
और सबसे बड़ा सवाल—क्या उन्होंने पारंपरिक इंजीनियरिंग शाखाओं से अलग जाकर सही फैसला लिया है?
पहली कक्षा में कदम रखते समय शायद इन सवालों के साथ एक उत्साह भी रहा होगा—क्योंकि आज सपना सिर्फ सपना नहीं था, वह एक वास्तविक शैक्षणिक यात्रा बन चुका था।
Cyber Security को करियर बनाने की चुनौती
साइबर सिक्योरिटी सिर्फ कंप्यूटर और कोडिंग का क्षेत्र नहीं है। इसमें नेटवर्क सिक्योरिटी, क्रिप्टोग्राफी, डेटा सुरक्षा, सिस्टम सिक्योरिटी, साइबर अटैक की पहचान, डिजिटल फॉरेंसिक्स और Ethical Hacking जैसे कई जटिल क्षेत्र शामिल हैं।
आज बैंकिंग, रक्षा, अस्पताल, सरकारी संस्थान, उद्योग, डिजिटल पेमेंट और Critical Infrastructure तक साइबर हमलों के निशाने पर हैं। ऐसे में Cyber Security Professionals की मांग आने वाले वर्षों में और बढ़ने की संभावना है।
इसी बदलती जरूरत के बीच IIT Kanpur Cyber Security Programme की शुरुआत खास महत्व रखती है।
IIT Kanpur B.Cyber का पहला बैच लिखेगा नई कहानी

वाधवानी स्कूल ऑफ एआई एंड इंटेलिजेंट सिस्टम्स के लिए यह पहला B.Cyber Batch है। इसलिए इन विद्यार्थियों की यात्रा भी खास है।
वे केवल एक नया B.Tech Cyber Security Programme ज्वाइन नहीं कर रहे हैं, बल्कि इस नए अकादमिक कार्यक्रम की पहली पीढ़ी का हिस्सा बन रहे हैं।
आने वाले वर्षों में इनके अनुभव, प्रोजेक्ट, रिसर्च और उपलब्धियां यह तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं कि आईआईटी कानपुर में Cyber Security Education किस दिशा में आगे बढ़ती है।
डीन ने कहा—यह स्कूल के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव
विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए WSAIS के डीन प्रो. नितिन सक्सेना ने कहा कि बीटीआईएस और बी.साइबर कार्यक्रमों की शुरुआत स्कूल की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उन्होंने विद्यार्थियों को आईआईटी कानपुर में उपलब्ध अनुसंधान, नवाचार और अंतर्विषयक शिक्षण के अवसरों का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
निदेशक ने AI और Cyber Security की संभावनाओं पर दिया जोर

आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल ने विद्यार्थियों को संस्थान के Research, Innovation और Interdisciplinary Learning Environment का अधिकतम उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में Artificial Intelligence, Intelligent Systems और Cyber Security जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं।
यानी इन विद्यार्थियों के सामने केवल नौकरी पाने का लक्ष्य नहीं है। वे उन तकनीकों पर काम कर सकते हैं जो भविष्य की डिजिटल दुनिया को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
Industry ने बताया—Cyber Security Career में क्या जरूरी
ओरिएंटेशन कार्यक्रम में “उद्योग परिप्रेक्ष्य और करियर के अवसर” विषय पर फायरसाइड चैट भी आयोजित हुई। क्रिसिल के मुख्य डेटा अधिकारी योगेंद्र दीप सिंह ने विद्यार्थियों से संवाद किया।
चर्चा में Artificial Intelligence, Data Analytics, Intelligent Systems और Cyber Security के उभरते रुझानों के साथ Internship, Career Opportunities और Industry Skills पर चर्चा हुई।
विद्यार्थियों के सवालों ने यह भी दिखाया कि वे केवल डिग्री हासिल करने नहीं आए हैं। वे यह समझना चाहते हैं कि Cyber Security Career में आगे बढ़ने के लिए उन्हें अभी से किन कौशलों पर काम करना होगा।
इंजीनियरिंग की भीड़ से अलग भविष्य की राह
आईआईटी कानपुर के इस पहले B.Cyber Batch की सबसे बड़ी खासियत शायद यही है कि इन युवाओं ने अपने करियर का चुनाव केवल लोकप्रियता के आधार पर नहीं किया।
उन्होंने यह सवाल पूछा कि भविष्य में दुनिया को किन विशेषज्ञों की जरूरत होगी?
और जवाब मिला—ऐसे विशेषज्ञों की, जो डिजिटल दुनिया की कमजोरियों को समझ सकें, साइबर हमलों से सिस्टम को बचा सकें और नई तकनीक को सुरक्षित बना सकें।
आज उन्होंने उसी जवाब को अपने करियर का हिस्सा बना लिया है।
IIT Kanpur में B.Tech Cyber Security की यह पहली कक्षा इसलिए खास है क्योंकि यहां बैठे विद्यार्थी सिर्फ एक नया कोर्स शुरू नहीं कर रहे। वे भारत में Cyber Security Education की एक नई कहानी के पहले अध्याय का हिस्सा बन रहे हैं।
और शायद कुछ वर्षों बाद जब यही विद्यार्थी देश की बड़ी कंपनियों, रिसर्च लैब, साइबर डिफेंस सिस्टम या अपनी खुद की Cyber Security Startup में काम कर रहे होंगे, तब पीछे मुड़कर देखेंगे तो उन्हें याद आएगा—14 अगस्त 2026 को IIT Kanpur में बैठी वह पहली कक्षा, जहां उनका सपना पहली बार सचमुच शुरू हुआ था।






