18 से 20 सितंबर तक होगा ‘Next Generation Stealth Antennas’ वर्कशॉप, DRDO, उद्योग और अकादमिक विशेषज्ञ साझा करेंगे अत्याधुनिक तकनीक
कानपुर। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर (IIT Kanpur) में रणनीतिक और रक्षा तकनीक के क्षेत्र में उभरती स्टील्थ एंटेना, मेटासर्फेस, रडार सिस्टम और री-कॉन्फिगरेबल इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्ट्रक्चर तकनीकों पर विशेषज्ञ मंथन करेंगे। संस्थान के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग की ओर से 18 से 20 सितंबर 2026 तक “Next Generation Stealth Antennas and Reconfigurable Electromagnetic Structures for Strategic Airborne Applications” विषय पर कार्यशाला आयोजित की जाएगी।
यह कार्यशाला DRDO–Industry–Academia Centre of Excellence (DIA-CoE), IIT Kanpur के तत्वावधान में आयोजित होगी। कार्यक्रम का आयोजन Department of Electrical Engineering, IIT Kanpur द्वारा किया जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य अत्याधुनिक अनुसंधान को उद्योग और रक्षा क्षेत्र की वास्तविक जरूरतों से जोड़ना तथा रणनीतिक एयरबोर्न एप्लीकेशंस के लिए नई तकनीकों पर सहयोग को बढ़ावा देना है।
स्टील्थ तकनीक और अगली पीढ़ी के एंटेना पर चर्चा
कार्यशाला में स्टील्थ टेक्नोलॉजी, नेक्स्ट-जेनरेशन लो-ऑब्जर्वेबल एंटेना, मेटासर्फेस, रडार एब्जॉर्बिंग मैटेरियल, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्ट्रक्चर और रीकॉन्फिगरेबल एंटेना जैसे विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान होंगे।
DRDO, IIT Kanpur और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के विशेषज्ञ रणनीतिक एयरबोर्न प्लेटफॉर्म के लिए कम दिखाई देने वाले (Low Observable) सिस्टम, रडार क्रॉस सेक्शन (RCS) में कमी और अत्याधुनिक इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तकनीकों की संभावनाओं पर विचार साझा करेंगे।
DRDO विशेषज्ञ बताएंगे RF सीकर और स्टील्थ तकनीक
कार्यक्रम में DRDO Hyderabad के डॉ. राकेश सिंह RF Seekers Weapon-System के लिए RCS Measurement and Analysis पर व्याख्यान देंगे। वहीं DRDO Bengaluru के डॉ. विजय कुमार सुत्रकार Advanced Airborne Platforms के लिए Stealth Technology और Next-Generation Low-Observable Antennas पर चर्चा करेंगे।
DRDO Jodhpur के डॉ. अनुज शुक्ला Artificially Engineered Materials for Reconfigurable Electromagnetic Structures विषय पर तथा DRDO Kanpur के डॉ. हिमांशु बी. बास्के Next-Generation Stealth Materials and Technology पर अपनी विशेषज्ञता साझा करेंगे।
IIT के विशेषज्ञ भी रखेंगे अपने शोध
कार्यशाला में IIT Indore के प्रो. सप्तर्षि घोष Next-Generation Metasurface Antennas for Strategic Applications पर व्याख्यान देंगे।
IIT Kanpur के विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगे। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. एम. जे. अख्तर Radar Stealth Applications के लिए Nanocomposites-Based Electrically Transparent Flexible Metasurface Structures पर चर्चा करेंगे।
प्रो. अमर बहेरा Next-Generation Stealth Systems के लिए Advanced Manufacturing पर जानकारी देंगे, जबकि प्रो. ए. आर. हरिश और प्रो. अमित कुमार वर्मा इलेक्ट्रोमैग्नेटिक और इंफ्रारेड कैमुफ्लाज से जुड़े विषयों पर व्याख्यान देंगे।
मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. जे. रामकुमार Strategic Applications के लिए Electromagnetic Structures के Materials, Processes और Design Constraints पर चर्चा करेंगे।
रडार एब्जॉर्बिंग मैटेरियल से हाई-पावर एम्प्लीफायर तक
एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. पी. एम. मोहिते और प्रो. राजेश किते Radar Absorbing Material के Comprehensive Mechanical and Failure Analysis पर चर्चा करेंगे।

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग की प्रो. नागदित्य पोलुरी Radar Applications के लिए High Power Amplifiers तथा प्रो. कुमार वैभव श्रीवास्तव Next-Generation Stealth Systems के लिए Active Reconfigurable Metasurfaces पर व्याख्यान देंगे।
वहीं प्रो. राघवेंद्र चौधरी Airborne Platforms के लिए Metasurface-Enabled RCS Reduction और Stealth Antennas के क्षेत्र में अपने विचार साझा करेंगे।
उद्योग विशेषज्ञों का तकनीकी सत्र और पैनल डिस्कशन
कार्यशाला में अकादमिक शोध के साथ उद्योग की तकनीकी जरूरतों को भी शामिल किया गया है। कार्यक्रम में Technical Session by Industries के अलावा Panel Discussion आयोजित किया जाएगा। इससे शोधकर्ताओं, रक्षा विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों और शिक्षाविदों के बीच तकनीकी संवाद और संभावित सहयोग के अवसर बढ़ेंगे।
रणनीतिक तकनीकों के विकास पर IIT Kanpur का जोर
कार्यशाला का व्यापक उद्देश्य Cutting-Edge Research, Industry Engagement, Academic Collaboration और Stronger Defence Capabilities को एक मंच पर लाना है। स्टील्थ प्लेटफॉर्म और उन्नत रडार तकनीक आज आधुनिक रक्षा प्रणालियों के महत्वपूर्ण घटक हैं। ऐसे में नई पीढ़ी के एंटेना और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक मटेरियल पर अनुसंधान भारत की रणनीतिक तकनीकी क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
IIT Kanpur में Stealth Antennas पर Workshop, DRDO विशेषज्ञ होंगे शामिल
