DHAV-Hy: xTerra Robotics का स्वदेशी व्हील-लेग्ड रोबोट, सीढ़ियों और दुर्गम रास्तों पर भी दौड़ेगा
Make in India Robotics: पहियों की रफ्तार और पैरों के नियंत्रण का संगम, जंगल, पथरीले रास्तों, ढलानों और गड्ढों में भी बनाए रखता है संतुलन
नई दिल्ली। भारत की रोबोटिक्स तकनीक अब प्रयोगशालाओं से निकलकर वास्तविक दुनिया की कठिन परिस्थितियों में अपनी क्षमता दिखा रही है। भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप xTerra Robotics ने स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित किए गए अपने नए DHAV-Hy Wheeled-Legged Quadruped Robot का प्रदर्शन किया है। चार पैरों और पहियों से लैस यह हाइब्रिड रोबोट समतल जमीन पर तेज गति से चलने के साथ-साथ सीढ़ियों, ढलानों, गड्ढों, पत्थरों, मिट्टी और असमान सतहों पर भी संतुलन बनाए रखने में सक्षम है।
यह रोबोट भारत में विकसित हो रही Make in India Robotics क्षमता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। DHAV-Hy में पहियों की गति और लेग्ड रोबोट की नियंत्रण क्षमता को एक साथ जोड़ा गया है। यही हाइब्रिड डिजाइन इसे ऐसे इलाकों में काम करने की क्षमता देता है, जहां सामान्य पहिएदार रोबोटों के लिए आगे बढ़ना मुश्किल हो सकता है।
Wheels की स्पीड और Legs का कंट्रोल
DHAV-Hy की सबसे खास तकनीकी विशेषता इसकी Hybrid Mobility है। समतल या अपेक्षाकृत आसान सतह पर रोबोट पहियों की मदद से तेजी से आगे बढ़ सकता है, जबकि कठिन भूभाग आने पर उसके पैर शरीर की स्थिति और गति को नियंत्रित करते हैं।
इस तकनीक को Wheeled Momentum, Legged Control की अवधारणा से समझा जा सकता है। यानी रोबोट को जहां पहियों से गति का लाभ मिलता है, वहीं पैर उसे स्थिरता और बेहतर नियंत्रण प्रदान करते हैं। इससे ऊर्जा दक्षता और गतिशीलता के बीच संतुलन बनाने में मदद मिल सकती है।
सीढ़ियों पर चढ़ने और उतरने की क्षमता
पारंपरिक पहिएदार रोबोटों की सबसे बड़ी चुनौतियों में सीढ़ियां और अचानक बदलने वाली सतहें शामिल हैं। DHAV-Hy को इसी चुनौती को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।
प्रदर्शन के दौरान रोबोट को सीढ़ियों पर तेजी से चढ़ते हुए दिखाया गया। इसके बाद नीचे उतरते समय भी यह अपने पैरों की स्थिति और शरीर का संतुलन लगातार समायोजित करता है। इसकी Adaptive Stair Descent क्षमता इसे ऐसे वातावरण में उपयोगी बना सकती है, जहां सतह लगातार बदलती रहती है।
ढलान, गड्ढे और पथरीली जमीन पर भी स्थिर
DHAV-Hy की क्षमता केवल सीढ़ियों तक सीमित नहीं है। रोबोट को अलग-अलग तरह के Multi-Terrain Environment में चलते हुए प्रदर्शित किया गया है।
लंबी घास, मिट्टी, कच्चे रास्ते, पत्थरों और असमान जमीन पर चलते समय रोबोट अपनी गति को नियंत्रित करता है। रास्ते में गड्ढे या अचानक ऊंच-नीच आने पर इसके पैर और पहिए मिलकर शरीर को संतुलित रखते हैं।
यही क्षमता इसे भविष्य में उन क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण बना सकती है जहां सामान्य रोबोट या वाहन आसानी से नहीं पहुंच सकते।
ऊंचाई से गिरने के बाद भी संभाला संतुलन
रोबोट की Structural Robustness भी प्रदर्शन का महत्वपूर्ण हिस्सा रही। परीक्षण में DHAV-Hy को ऊंचाई से नीचे कूदते और जमीन से टकराने के बाद संतुलन बनाए रखते हुए दिखाया गया।
किसी स्वायत्त रोबोट के लिए केवल चलना पर्याप्त नहीं है। वास्तविक दुनिया में उसे अचानक लगने वाले झटकों, असमान सतह और अनपेक्षित बाधाओं का सामना भी करना पड़ता है। DHAV-Hy का डिजाइन इसी चुनौती को ध्यान में रखता है।
अचानक बाधा आने पर खुद करता है रिकवरी
DHAV-Hy में Dynamic Disturbance Recovery जैसी क्षमता इसे और खास बनाती है। तेज गति से चलते समय यदि सामने लकड़ी, गड्ढा या अन्य बाधा आ जाए तो रोबोट अपने शरीर और पैरों की स्थिति को तेजी से समायोजित कर संतुलन वापस हासिल कर सकता है।
यह क्षमता भविष्य के Autonomous Robotics के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। स्वायत्त रोबोट को नियंत्रित प्रयोगशाला वातावरण के बजाय वास्तविक दुनिया में काम करना है, जहां हर रास्ता एक जैसा नहीं होता और बाधाएं पहले से तय नहीं होतीं।
सुरक्षा से आपदा राहत तक इस्तेमाल की संभावना
DHAV-Hy जैसे Quadruped Robots का इस्तेमाल आने वाले समय में कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जा सकता है। सुरक्षा और निगरानी, दुर्गम क्षेत्रों में गश्त, औद्योगिक संयंत्रों का निरीक्षण, खतरनाक स्थानों की निगरानी और आपदा राहत एवं बचाव अभियान इसके संभावित उपयोग क्षेत्रों में शामिल हो सकते हैं।
ऐसे रोबोट उन जगहों पर भी भेजे जा सकते हैं जहां किसी इंसान के लिए पहुंचना जोखिम भरा हो। उदाहरण के लिए प्राकृतिक आपदा के बाद मलबे वाले क्षेत्रों में निगरानी, औद्योगिक दुर्घटना वाले स्थानों की जांच या दुर्गम इलाकों में सुरक्षा सर्विलांस में लेग्ड रोबोट उपयोगी हो सकते हैं।
भारत के Robotics Ecosystem के लिए महत्वपूर्ण कदम
DHAV-Hy का महत्व केवल एक नए रोबोट के प्रदर्शन तक सीमित नहीं है। यह भारत में विकसित हो रहे Deep-Tech, Robotics, Artificial Intelligence और Autonomous Systems के इकोसिस्टम की बढ़ती क्षमता को भी दर्शाता है।
भारत लंबे समय से सॉफ्टवेयर और आईटी क्षेत्र में मजबूत स्थिति रखता है। अब स्टार्टअप और शोध संस्थान हार्डवेयर, रोबोटिक्स, ऑटोनॉमी और एडवांस्ड मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में भी स्वदेशी समाधान विकसित कर रहे हैं।
xTerra Robotics का DHAV-Hy इसी बदलाव की एक झलक है। पहियों की गति, चार पैरों की गतिशीलता, सेंसर आधारित नियंत्रण और असमान भूभाग पर संतुलन जैसी तकनीकों का एक साथ इस्तेमाल भविष्य में भारतीय रोबोटिक्स को औद्योगिक और रणनीतिक उपयोग के नए अवसर दे सकता है।
DHAV-Hy इस बात का संकेत है कि Make in India अब केवल उत्पाद निर्माण तक सीमित नहीं है। भारत तेजी से ऐसी जटिल डीप-टेक मशीनें विकसित करने की दिशा में बढ़ रहा है, जो वास्तविक दुनिया की कठिन परिस्थितियों में स्वायत्त रूप से काम कर सकें।
