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IIT Kanpur ने बनाई पोर्टेबल सीड क्वालिटी टेस्टिंग डिवाइस, मौके पर होगी बीज और अनाज की शुद्धता की जांच

EductechBharat,com,कानपुर। किसानों को अब बीज की गुणवत्ता और शुद्धता जांचने के लिए लंबी प्रक्रिया या लैब टेस्ट का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। IIT Kanpur के शोधकर्ताओं ने एक ऐसी Portable Non-Destructive Grain Quality Estimation Device विकसित की है, जो अनाज और बीजों की गुणवत्ता की जांच बिना उन्हें नुकसान पहुंचाए मौके पर ही कर सकती है। यह तकनीक कुछ ही मिनटों में बीजों में मौजूद अशुद्धियों, मिलावट और किस्म की शुद्धता का आकलन करने में सक्षम है।

यह portable seed testing device कृषि क्षेत्र में तकनीक के इस्तेमाल की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसका उपयोग सरकारी बीज वितरण केंद्रों, कृषि समितियों, अनाज मंडियों, टेस्टिंग सेंटर और अन्य स्थानों पर किया जा सकता है। इससे किसानों को बुवाई से पहले बीज की गुणवत्ता और प्रामाणिकता की जानकारी मिल सकेगी।

12 प्रकार की अशुद्धियों की पहचान

IIT Kanpur की विकसित डिवाइस अनाज और बीजों में मौजूद 12 प्रकार की सामान्य अशुद्धियों और मिलावट की पहचान कर सकती है। इनमें कंकड़-पत्थर, मिट्टी, डंठल (Sticks) सहित कई अन्य अवांछित पदार्थ शामिल हैं। तकनीक की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यह सरसों के छोटे दानों जैसी मिलावट को भी पहचानने में सक्षम है।

photo by research team

डिवाइस केवल बाहरी अशुद्धियों की पहचान तक सीमित नहीं है। यह बीजों की वैरायटी और उसकी शुद्धता के प्रतिशत का भी आकलन कर सकती है। उदाहरण के लिए, गेहूं के 100 ग्राम नमूने में अलग-अलग किस्मों के शुद्ध दानों का प्रतिशत पता लगाया जा सकता है। इससे किसानों और बीज विक्रेताओं को बीज की वास्तविक गुणवत्ता की अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।

Dr. Tushar Balasaheb Sandhan -photo by research team

बिना बीज को नुकसान पहुंचाए होगी जांच

इस तकनीक की खासियत इसका Non-Destructive Testing सिस्टम है। यानी जांच के दौरान बीज या अनाज को नष्ट नहीं किया जाता। इससे उसी नमूने को आगे उपयोग में लाया जा सकता है।

wheat testing- photo by research team

डिवाइस में High-Resolution Imaging और NIR (Near-Infrared) Spectroscopy जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। हाई-रेजोल्यूशन कैमरा अनाज और बीजों के रंग, आकार और बनावट का विश्लेषण करता है, जबकि NIR spectroscopy इनके आंतरिक और रासायनिक गुणों की जानकारी हासिल करने में मदद करती है।

इसके अलावा डिवाइस में Sound और Weighing Sensors भी लगाए गए हैं। इंपैक्ट साउंड से दानों के घनत्व का आकलन किया जाता है, जबकि इंटीग्रेटेड वेइंग सिस्टम नमूने का वजन मापता है। Automatic Sliding Mechanism बीजों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से जांच प्रणाली तक पहुंचाने में मदद करता है।

किसानों को मिलेगा गुणवत्तापूर्ण बीज का भरोसा

खराब या मिलावटी बीज किसानों के लिए बड़ी आर्थिक समस्या बन सकते हैं। कम गुणवत्ता वाले बीजों से अंकुरण प्रभावित होने के साथ फसल की उत्पादकता भी कम हो सकती है। ऐसे में Seed Quality Testing Technology किसानों को बुवाई से पहले बेहतर निर्णय लेने में मदद कर सकती है।

यदि इस पोर्टेबल डिवाइस को सरकारी बीज केंद्रों, कृषि समितियों और मंडियों में बड़े स्तर पर उपलब्ध कराया जाता है, तो किसान बीज खरीदने से पहले उसकी गुणवत्ता की जांच करा सकेंगे। इससे प्रमाणित और उच्च गुणवत्ता वाले बीजों की पहचान आसान होगी और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने में भी मदद मिल सकती है।

IIT Kanpur की तकनीक का पेटेंट ग्रांट

इस IIT Kanpur agricultural technology को इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के डॉ. तुषार बालासाहेब संधान के नेतृत्व में शोध टीम अंशु सैनी, आशीष कुमार, वृंदा जुनेजा, कोमल शर्मा, मृगांक ने विकसित किया है। इस तकनीक का पेटेंट भी ग्रांट हो चुका है।

मशीन पर गेहूं की जांच

वर्तमान में प्रयोगशाला स्तर पर इस डिवाइस की अनुमानित लागत करीब 75,000 रुपये है। शोध टीम का लक्ष्य बड़े पैमाने पर उत्पादन के जरिए इसकी कीमत को 50,000 रुपये से कम करना है। अगले दो महीनों में कंपनियों और टेस्टिंग सेंटरों में परीक्षण के लिए पांच डिवाइस तैनात किए जाने की तैयारी है।

AI और स्मार्ट एग्रीकल्चर की दिशा में अहम कदम

कृषि क्षेत्र में Artificial Intelligence, Computer Vision, NIR Spectroscopy और Smart Sensors जैसी तकनीकों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। IIT Kanpur की यह पोर्टेबल डिवाइस इसी बदलाव को आगे बढ़ाती है, जहां प्रयोगशाला आधारित परीक्षणों को अधिक तेज, सुलभ और फील्ड-फ्रेंडली बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

हाल में छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) में आयोजित AI Manthan कार्यक्रम में भी कृषि क्षेत्र में AI और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर जोर दिया गया था। विशेष रूप से किसानों तक गुणवत्तापूर्ण बीज और कृषि इनपुट पहुंचाने में तकनीक की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया था। IIT Kanpur की यह portable grain quality testing technology इसी दिशा में व्यावहारिक समाधान उपलब्ध कराने की क्षमता रखती है।

प्रयोग के दौरान शोध छात्र मृगांक और आशीष (बाएं से दाएं)

क्यों महत्वपूर्ण है IIT Kanpur की Portable Seed Testing Device?

  • बीज और अनाज की Non-Destructive Testing

  • 12 प्रकार की अशुद्धियों और मिलावट की पहचान

  • बीज की किस्म और शुद्धता का प्रतिशत आकलन

  • High-Resolution Imaging से बाहरी गुणों की जांच

  • NIR Spectroscopy से आंतरिक और रासायनिक गुणों का विश्लेषण

  • Sound और Weighing Sensors से अतिरिक्त गुणवत्ता आकलन

  • खेत, मंडी, बीज केंद्र और टेस्टिंग सेंटर में इस्तेमाल की संभावना

  • बड़े स्तर पर उत्पादन के बाद 50,000 रुपये से कम लागत का लक्ष्य

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