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जानें बार – बार रिजेक्ट होने वाले पर्प्लेक्सिटी एआई (Perplexity AI) के संस्थापक अरविंद श्रीनिवास की प्रेरक यात्रा, जिन्होंने बना डाली है चैट जीपीटी, जेमिनी जैसे दिग्गजोें को टक्कर देने वाली 20 अरब डालर की कंपनी 

नई दिल्ली: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर आकाश संपूर्णानंद पांडे (@late_bloomer_7) द्वारा साझा की गई एक पोस्ट इन दिनों तेजी से चर्चा का विषय बनी हुई है। इस पोस्ट में एआई-संचालित सर्च इंजन पर्प्लेक्सिटी एआई (Perplexity AI) के संस्थापक और सीईओ अरविंद श्रीनिवास के जीवन में आई लगातार असफलताओं और अस्वीकृतियों (Rejections) के सफर को रेखांकित किया गया है। पोस्ट में बताया गया है कि कैसे जीवन के हर महत्वपूर्ण मोड़ पर नाकामी और अस्वीकृति मिलने के बावजूद अरविंद ने हार नहीं मानी। कमबैक
करने वाले अरविंद की कंपनी आज 20 अरब डॉलर के मूल्यांकन तक पहुंच चुकी है।

रिजेक्शन से भरी रही शुरुआती राह

सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार, अरविंद श्रीनिवास के करियर की शुरुआत ही कई बड़े झटकों के साथ हुई। सबसे पहला झटका उन्हें IIT मद्रास में मिला जहां JEE रैंकिंग में थोड़े अंकों से चूकने के कारण उन्हें IIT मद्रास में कंप्यूटर साइंस (CS) ब्रांच नहीं मिली।  उन्हें इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से ही संतोष करना पड़ा।दूसरी कोशिश उन्होंने पहले साल के बाद ब्रांच बदलने की कोशिश की लेकिन वह कंप्यूटर साइंस के तय कटऑफ CGPA से महज 0.01 अंक पीछे रह गए। 

मशीन लर्निंग (ML) क्लास से बाहर

IIT मद्रास के एक प्रोफेसर ने यह कहकर उन्हें मशीन लर्निंग क्लास में शामिल
करने से मना कर दिया कि इलेक्ट्रिकल
इंजीनियरिंग
के छात्र इसमें बेहतर प्रदर्शन नहीं कर
सकते। इस तरह उन्हें अपने सपनों को पूरा करने का एक और मौका नहीं मिला। 

MIT से PhD का रिजेक्शन:

उन्हाेंने जब पीएचडी के लिए मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) में आवेदन किया तो उनके पीएचडी आवेदन को एमआइटी ने खारिज कर दिया। 

पहला प्रोडक्ट रहा असफल:

उनका पहला प्रोडक्ट—एक ट्विटर सर्च टूल—महज कुछ ही महीनों में बंद हो गया जब X (ट्विटर) ने अपना API एक्सेस बंद कर दिया।इन लगातार झटकों के बाद भी अरविंद ने बर्कले (UC Berkeley) से PhD पूरी की, OpenAI में रिसर्च साइंटिस्ट के रूप में कार्य किया और 2022 में Perplexity AI की नींव रखी।

सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं: यूज़र्स ने साझा किए अपने अनुभव

इस पोस्ट के वायरल होने के बाद एक्स (X) पर विभिन्न यूज़र्स की ओर से तीखी और प्रेरक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। मणिक (@manikmhta) कहते हैं कि “यह मुझे मेरे साथ हुई घटना की याद दिलाता है। ब्रांच चेंज के लिए कटऑफ 8.4 CPI था और मेरा भी सटीक वही CPI था, लेकिन मुझे रिजेक्ट कर दिया गया क्योंकि समान CPI वाले एक अन्य उम्मीदवार की JEE रैंक मुझसे बेहतर थी! उस पल दुख हुआ, लेकिन फिर सब ठीक हो गया। कोई पछतावा नहीं!” 

   आकाश संपूर्णानंद पांडे (@late_bloomer_7) का संदेश:    “अस्वीकृति (Rejection) कोई अंतिम फैसला नहीं है, बल्कि यह सफलता की एक अनिवार्य शर्त (Prerequisite) है।”     

प्रतियोगी परीक्षा के छात्रों की प्रतिक्रिया:  “आईआईटी में 0.01 CGPA से ब्रांच चेंज न होना किसी भी छात्र को तोड़ सकता है, लेकिन इस कहानी से पता चलता है कि एक दरवाजा बंद होने पर दूसरा बड़ा रास्ता खुलता है।” 

    उद्यमियों (Entrepreneurs) का दृष्टिकोण:  “ट्विटर API बंद होने से पहला प्रोडक्ट फेल होना और फिर उसी एक्स प्लेटफॉर्म पर 20 अरब डॉलर की कंपनी के रूप में चर्चा में आना—यही असली कमबैक है।”    

  एआई और टेक कम्युनिटी के विचार:    “प्रोफेसर द्वारा यह कहा जाना कि इलेक्ट्रिकल वाले एमएल में अच्छा नहीं कर सकते और बाद में उसी व्यक्ति का एआई क्षेत्र में वैश्विक पहचान बनाना, पारंपरिक सोच पर एक बड़ा तमाचा है।”    यह पोस्ट उन लाखों छात्रों और युवा उद्यमियों के लिए एक बड़ा संदेश है जो प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं या करियर की शुरुआती असफलताओं से हताश हो जाते हैं।

अरविंद श्रीनिवास के बारे में कुछ दिलचस्प बातें 

भारतीय मूल के Aravind Srinivas आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सर्च स्टार्टअप Perplexity AI के सह-संस्थापक (Co-founder) और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) हैं। अगस्त 2022 में स्थापित उनकी कंपनी पारंपरिक लिंक-आधारित सर्च के
बजाय AI-संचालित सटीक और संवादात्मक उत्तर देती है। चेन्नई के मूल निवासी
अरविंद ने [IIT मद्रास] से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक और एमटेक
(ड्यूल डिग्री, 2017 ) में ली है।

 इसके बाद [UC Berkeley] से कंप्यूटर साइंस में पीएचडी (2021) पूरी की। अपनी कंपनी शुरू करने से पहले उन्होंने [OpenAI] (रिसर्च साइंटिस्ट), [Google DeepMind] और [Google] में रिसर्च इंटर्न व वैज्ञानिक के रूप में काम किया।परप्लेक्सिटी एआई को अगस्त 2022 में डेनिस याराट्स, जॉनी हो और एंडी कोनविंस्की के साथ मिलकर शुरू किया। जेफ बेजोस जैसे दिग्गजों के साथ आने से उनकी कंपनी का मूल्य 20 अरब डॉलर से अधिक हो गया।

मीडिया से बातचीत में अरविंद ने एक बार कहा कि  बिलियन डॉलर की कंपनी बनाने से ज्यादा मुश्किल दूसरों को अपना आइडिया चुराने से रोकना और उससे बेहतर बनाने से बचाना है। उनका मानना है कि अगर आपका आइडिया बड़ा है तो वह करोड़ों डालर कमा  सकता है लेकिन आपके आइडिया की नकल बड़ी कंपनियां जरूर करेंगी।

 ऐसे में आपको निरंतर चुनौतियों से जूझना होगा और अपने आइडिया को नया विस्तार देते हुए दूसरों के लिए
चुनौती बनना होगा। वह कहते हैं कि एआई की लड़ाई अत्यंत रोमांचक है। यह आने वाले समय में नए अरबपति तैयार करेगा । इसलिए स्टार्टअप को अपनी उपयोगिता व ताकत बढ़ाने के लिए इसका उपयोग करना चाहिए।

 अपनी जीवन शैली पर चर्चा के दौरान बताया कि वह केवल काम करते हैं। जब समय मिलता है तो
पाडकास्ट या आडियोबुक्स सुनते हैं । सप्ताह में तीन दिन जिम और वीकेंड पर परिवार को समय जरूर देते हैं। वर्क-लाइफ बैलेंस पर – दुख की बात है कि मैं काम के अलावा और कुछ नहीं करता। जब भी समय मिलता है, पॉडकास्ट या ऑडियोबुक्स सुन लेता हूं। हालांकि वीकेंड पर परिवार के लिए वक्त निकालता हूं। हफ्ते में तीन दिन जिम भी जाता हूं… कड़ी मेहनत का कोई दूसरा विकल्प नहीं है।