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IIT Kanpur: 900 माध्यमिक शिक्षकों को मिलेगी AI, Coding और Digital Skills की ट्रेनिंग

कानपुर, 18 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश के स्कूलों में Artificial Intelligence (AI), Coding और Digital Technology आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर (IIT Kanpur) ने बड़ा कदम उठाया है। IIT Kanpur ने उत्तर प्रदेश सरकार और राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), उत्तर प्रदेश के सहयोग से अपने Digital Literacy and Computational Thinking Concepts (DLCCAI) Programme का विस्तार माध्यमिक शिक्षा तक किया है। इसके तहत प्रदेश के 900 माध्यमिक विद्यालय शिक्षकों सहित डाइट प्रवक्ताओं और SCERT से जुड़ी इकाइयों के अधिकारियों को डिजिटल कौशल, कंप्यूटेशनल थिंकिंग, AI और तकनीक-सक्षम शिक्षण का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

छह बैचों में होगा शिक्षक प्रशिक्षण

IIT Kanpur Teacher Training Programme को 150-150 प्रतिभागियों के छह बैचों में संचालित किया जाएगा। आठ सप्ताह के इस Blended Learning Programme की शुरुआत IIT Kanpur परिसर में पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण से होगी। इसके बाद दूसरे से सातवें सप्ताह तक Google Classroom के माध्यम से ऑनलाइन कक्षाएं, साप्ताहिक मेंटरिंग और Live Doubt Solving Sessions आयोजित किए जाएंगे। अंतिम चरण में IIT Kanpur में दो दिवसीय परियोजना प्रदर्शन और प्रस्तुति होगी। सफल प्रतिभागियों को IIT Kanpur और SCERT Uttar Pradesh की ओर से संयुक्त प्रमाणपत्र दिया जाएगा।

AI से Python और Robotics तक की ट्रेनिंग

प्रशिक्षण को इस तरह तैयार किया गया है कि कंप्यूटर, Coding या Artificial Intelligence का पूर्व अनुभव नहीं रखने वाले शिक्षक भी आसानी से तकनीक सीख सकें। इसमें Digital Literacy, MS Office, Google Workspace, Cyber Security, Digital Citizenship और Computational Thinking के साथ Scratch आधारित Block Programming तथा Python की शुरुआती जानकारी दी जाएगी।

शिक्षकों को ChatGPT, Google Classroom और Khan Academy जैसे डिजिटल टूल का व्यावहारिक इस्तेमाल भी कराया जाएगा। इसका उद्देश्य शिक्षकों को पाठ योजना बनाने, डिजिटल शिक्षण सामग्री तैयार करने, मूल्यांकन और स्कूल के प्रशासनिक कार्यों में AI और डिजिटल तकनीक के प्रभावी उपयोग के लिए सक्षम बनाना है।

कार्यक्रम में Robotics Training भी शामिल है। शिक्षक रोबोट संयोजन और सेंसर आधारित गतिविधियों के जरिए समस्या समाधान की प्रक्रिया समझेंगे। इसके बाद Robotics Challenge के माध्यम से रचनात्मकता, जिज्ञासा और Computational Thinking को बढ़ावा दिया जाएगा।

10 हजार से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचा पहला चरण

IIT Kanpur इससे पहले 750 प्राथमिक विद्यालय शिक्षकों को DLCCAI प्रशिक्षण दे चुका है। इस पहल से 10 हजार से अधिक विद्यार्थियों तक तकनीक आधारित शिक्षण पहुंचाने में मदद मिली। अब माध्यमिक शिक्षा तक कार्यक्रम का विस्तार होने से इसका प्रभाव और व्यापक होने की उम्मीद है।

कार्यक्रम के समन्वयक प्रो. रामकुमार जे. ने कहा कि Coding, Computational Thinking और AI अब केवल इंजीनियरिंग संस्थानों तक सीमित विषय नहीं हैं। विद्यार्थियों में कम उम्र से समस्या को छोटे हिस्सों में बांटने, नए विचार आजमाने और उनमें सुधार करने की क्षमता विकसित करना जरूरी है।

कार्यक्रम के शैक्षणिक प्रमुख एवं डिजाइन विभागाध्यक्ष प्रो. सत्यकी राय ने कहा कि तकनीक शिक्षण को बेहतर बना सकती है, लेकिन शिक्षक के विवेक, संवेदनशीलता और व्यक्तिगत उपस्थिति का स्थान नहीं ले सकती। आउटरीच गतिविधियां कार्यालय के प्रभारी प्रो. विमल कुमार ने कहा कि IIT Kanpur परिसर से बाहर ज्ञान के प्रसार को लेकर प्रतिबद्ध है और SCERT के साथ यह सहयोग इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

NEP 2020 के अनुरूप Future-Ready Education

National Education Policy 2020 (NEP 2020) में डिजिटल शिक्षा, तकनीकी दक्षता और समस्या समाधान आधारित सीखने पर जोर दिया गया है। इसी दिशा में DLCCAI Programme को तैयार किया गया है। SCERT की कक्षा छह से आठ तक की पाठ्यपुस्तकों में डिजिटल साक्षरता, Coding और AI से जुड़े पाठ्यक्रम को शामिल किया जा चुका है। इससे उत्तर प्रदेश में अनुमानित 48 लाख विद्यार्थियों तक इन अवधारणाओं की पहुंच बनी है।

IIT Kanpur और SCERT की यह साझेदारी AI in Education, Digital Literacy, Coding Education, Robotics Education और Computational Thinking को स्कूल स्तर तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इसका उद्देश्य केवल शिक्षकों को तकनीकी उपकरण चलाना सिखाना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसी शिक्षण पद्धतियों से जोड़ना है, जिनसे विद्यार्थी भविष्य की तकनीकी और वास्तविक जीवन की समस्याओं को समझने और उनका समाधान खोजने के लिए तैयार हो सकें।